रोज़ पंचांग

पंचांग क्या है (Panchang Kya Hai)

1 नवंबर 2026, नई दिल्ली के लिए। सभी समय IST में।

शहर और तारीख

आपका स्थान केवल आपके फ़ोन में सबसे पास का शहर ढूँढने के लिए उपयोग होता है; हम उसे कहीं नहीं भेजते।

पंचांग हिंदू कैलेंडर का रोज़ का हिसाब है। पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से निकलते हैं।

आज के पाँच अंग

अंगआजकब तकक्या बताता है
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमी02:51 PM तकचंद्रमा सूर्य से कितना आगे है
वाररविवारअगले सूर्योदय तकहफ्ते का दिन, सूर्योदय से सूर्योदय तक
नक्षत्रपुष्य2 नवंबर 04:30 AM तकचंद्रमा आकाश में कहाँ है
योगसाध्य02:39 PM तकसूर्य और चंद्रमा की स्थिति का जोड़
करणबव02:51 PM तकतिथि का आधा भाग

ये मान नई दिल्ली के सूर्योदय के समय के हैं। पूरा विवरण आज का पंचांग में है।

पंचांग का दिन सूर्योदय से चलता है

हमारी घड़ी का दिन रात 12 बजे बदलता है। पंचांग का दिन सूर्योदय पर बदलता है।

इसलिए किसी तारीख की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। वह तिथि दोपहर में खत्म हो जाए, तब भी उस दिन की तिथि वही रहती है।

नई दिल्ली में 1 नवंबर 2026 का सूर्योदय 06:33 AM पर है। यही इस पंचांग का आरंभ है।

पंचांग कैसे पढ़ें

  1. अपना शहर चुनें। सूर्योदय और राहु काल शहर के साथ बदलते हैं।
  2. तिथि देखें, और यह भी कि वह कब तक है।
  3. नक्षत्र, योग और करण उसके नीचे मिलते हैं। हर एक के साथ उसके खत्म होने का समय होता है।
  4. व्रत या त्योहार के लिए उसका अलग पेज देखें। उसकी तारीख अलग नियम से तय हो सकती है।

पंचांग में और क्या मिलता है

हर अंग को आसान भाषा में समझें

हम हर समय खुद खगोलीय गणना से निकालते हैं। तरीका और जाँच के नतीजे गणना कैसे होती है पेज पर हैं।

पंचांग से जुड़े सवाल

पंचांग का मतलब क्या है?

पंचांग का अर्थ है पाँच अंगों वाला। ये पाँच अंग हैं तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

तिथि चंद्रमा और सूर्य की दूरी बताती है। वार हफ्ते का दिन है। नक्षत्र चंद्रमा की आकाश में जगह बताता है। योग दोनों की स्थिति का जोड़ है। करण तिथि का आधा भाग है।

पंचांग में दिन कब शुरू होता है?

पंचांग में दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं। इसलिए सुबह की तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

हर शहर का पंचांग अलग क्यों होता है?

सूर्योदय हर शहर में अलग समय पर होता है। इसलिए सूर्योदय, राहु काल और उस दिन की तिथि शहर के साथ बदल सकते हैं।

दो पंचांगों के समय अलग क्यों होते हैं?

गणना का तरीका और शहर अलग होने से समय में अंतर आ सकता है। व्रत और त्योहार के नियम भी कई जगह अलग होते हैं। हम अपने नियम और जाँच के नतीजे खुले में बताते हैं।

क्या पंचांग ज्योतिष है?

पंचांग समय की गणना है: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से निकला कैलेंडर। ज्योतिष की सलाह अलग चीज़ है। हम राशिफल या भविष्य नहीं बताते।

स्रोत और जाँच की तारीख

स्रोत 1 नवंबर 2026 को पढ़े गए।