रोज़ पंचांग

संपादकीय नीति

पंचांग की एक गलत तारीख से किसी का व्रत या त्योहार गलत दिन पड़ सकता है। इसलिए हम कोई तारीख तब तक पक्की नहीं लिखते जब तक वह जाँच में पास न हो, और जहाँ जाँच पूरी नहीं होती, वहाँ साफ़ लिखते हैं।

समय कहाँ से आता है

तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हमारी अपनी खगोलीय गणना है। हम समय किसी दूसरी साइट से कॉपी नहीं करते। तरीका और स्रोत गणना के पेज पर हैं।

दो सूचियों का नियम

नई दिल्ली की व्रत और त्योहार की तारीख तभी सत्यापित मानी जाती है जब कम से कम दो प्रकाशित सूचियाँ हमारी गणना से मेल खाएँ। ऐसा न हो तो उस तारीख पर लिखा जाता है कि वह सत्यापित नहीं है।

दूसरे शहर

दूसरे शहरों की तारीख उसी नियम से हमारी गणना है, क्योंकि प्रकाशित सूचियाँ ज़्यादातर एक ही शहर के लिए होती हैं। जहाँ किसी शहर की तारीख नई दिल्ली से अलग है, वहाँ यह लिखा जाता है।

जब सूचियों में अंतर हो

हम अंतर छिपाते नहीं। जहाँ कोई भरोसेमंद सूची दूसरी तारीख देती है, वहाँ दोनों तारीखें, उनके स्रोत और अंतर का कारण लिखा जाता है, जैसे होली 2027 में। हम किसी परंपरा को गलत नहीं कहते।

हर बदलाव से पहले जाँच

साइट के हर नए संस्करण से पहले स्वचालित जाँच चलती है, जो हमारी तारीखों और समयों को प्रकाशित आँकड़ों से मिलाती है। जाँच फ़ेल हो तो नया संस्करण जारी नहीं होता।

स्रोत और तारीख

जिन पेजों पर बाहरी स्रोत उपयोग हुए हैं, वहाँ उनके लिंक और पढ़ने की तारीख लिखी है। सरकारी छुट्टियों की सूची कहीं और छपी प्रति से ली गई हो, तो यह भी लिखा जाता है।

हम क्या नहीं छापते

  • भविष्यफल, कुंडली या ज्योतिषीय सलाह
  • किसी व्यक्ति या काम के लिए शुभ मुहूर्त
  • उपाय, रत्न, टोटके या उनसे होने वाले लाभ के दावे
  • कथा या पूजा विधि
  • पैसे लेकर बदली गई कोई तारीख या समय

तस्वीरें

साइट की तस्वीरें असली हैं और मुफ़्त उपयोग के लाइसेंस वाली हैं। जहाँ लाइसेंस माँगता है, वहाँ फ़ोटोग्राफ़र या स्रोत का नाम लिखा है।

गलती होने पर

गलती मिलने पर हम उसे ठीक करते हैं और सुधार पेज पर लिखते हैं कि क्या गलत था और अब क्या है। गलती दिखे तो हमें बताएँ।

यह नीति 31 अक्टूबर 2026 को लिखी गई। इसमें बदलाव होने पर यह तारीख बदली जाएगी।