एकादशी (Ekadashi) 2026-27: व्रत की तारीख और पारण का समय
नई दिल्ली, दिल्ली के लिए। सभी समय IST में।
नई दिल्ली में अगली एकादशी रमा एकादशी (कार्तिक कृष्ण) है। एकादशी तिथि 4 नवंबर 2026 को 11:03 AM से 10:35 AM, 5 नवंबर तक रहेगी। स्मार्त (गृहस्थ) व्रत 5 नवंबर, गुरुवार को। पारण 6 नवंबर, 06:37 AM के बाद; द्वादशी 10:30 AM तक।
एकादशी की तारीख (Ekadashi Date): 2026 और 2027
नई दिल्ली, नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक| एकादशी | स्मार्त (गृहस्थ) व्रत | वैष्णव व्रत | एकादशी तिथि | पारण (स्मार्त व्रत) |
|---|---|---|---|---|
| रमा एकादशी Rama कार्तिक कृष्ण, अगली एकादशी | 5 नवंबर, गुरुवार | सत्यापित नहीं | 4 नवंबर, 11:03 AM से 10:35 AM, 5 नवंबर | 6 नवंबर, 06:37 AM के बाद; द्वादशी 10:30 AM तक |
| देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी Devutthana (Prabodhini) कार्तिक शुक्ल | 20 नवंबर, शुक्रवार | सत्यापित नहीं एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं (क्षय) | 20 नवंबर, 07:15 AM से 06:31 AM, 21 नवंबर | 21 नवंबर, 12:07 PM के बाद; द्वादशी 04:56 AM, 22 नवंबर तक |
| उत्पन्ना एकादशी Utpanna मार्गशीर्ष कृष्ण | 4 दिसंबर, शुक्रवार | सत्यापित नहीं | 3 दिसंबर, 11:03 PM से 11:44 PM, 4 दिसंबर | 5 दिसंबर, 06:59 AM के बाद; द्वादशी 12:51 AM, 6 दिसंबर तक |
| मोक्षदा एकादशी Mokshada मार्गशीर्ष शुक्ल | 20 दिसंबर, रविवार | सत्यापित नहीं | 19 दिसंबर, 10:09 PM से 08:14 PM, 20 दिसंबर | 21 दिसंबर, 07:09 AM के बाद; द्वादशी 05:36 PM तक |
| एकादशी | स्मार्त (गृहस्थ) व्रत | वैष्णव व्रत | एकादशी तिथि | पारण (स्मार्त व्रत) |
|---|---|---|---|---|
| सफला एकादशी Saphala पौष कृष्ण | 3 जनवरी, रविवार | स्मार्त के दिन ही | 2 जनवरी, 02:24 PM से 04:08 PM, 3 जनवरी | 4 जनवरी, 07:14 AM के बाद; द्वादशी 06:15 PM तक |
| पौष पुत्रदा एकादशी Pausha Putrada पौष शुक्ल | सत्यापित नहीं | 19 जनवरी, मंगलवार द्वादशी किसी सूर्योदय पर नहीं | 18 जनवरी, 10:26 AM से 07:49 AM, 19 जनवरी | स्मार्त तारीख तय होने पर |
| षटतिला एकादशी Shattila माघ कृष्ण | 2 फ़रवरी, मंगलवार | स्मार्त के दिन ही | 1 फ़रवरी, 08:41 AM से 11:10 AM, 2 फ़रवरी | 3 फ़रवरी, 07:08 AM के बाद; द्वादशी 01:50 PM तक |
| जया एकादशी Jaya माघ शुक्ल | 17 फ़रवरी, बुधवार | स्मार्त के दिन ही | 16 फ़रवरी, 08:19 PM से 05:31 PM, 17 फ़रवरी | 18 फ़रवरी, 06:57 AM के बाद; द्वादशी 02:27 PM तक |
| विजया एकादशी Vijaya फाल्गुन कृष्ण | 4 मार्च, गुरुवार | सत्यापित नहीं एकादशी और द्वादशी दोनों दो सूर्योदयों तक | 3 मार्च, 04:44 AM से 07:24 AM, 4 मार्च | 5 मार्च, 06:43 AM के बाद; द्वादशी 09:53 AM तक |
| आमलकी एकादशी Amalaki फाल्गुन शुक्ल | 18 मार्च, गुरुवार | सत्यापित नहीं | 18 मार्च, 04:21 AM से 01:51 AM, 19 मार्च | 19 मार्च, 07:12 AM के बाद; द्वादशी 11:17 PM तक |
| पापमोचनी एकादशी Papamochani चैत्र कृष्ण | 2 अप्रैल, शुक्रवार | सत्यापित नहीं | 2 अप्रैल, 12:44 AM से 02:51 AM, 3 अप्रैल | 3 अप्रैल, 09:15 AM के बाद; द्वादशी 04:26 AM, 4 अप्रैल तक |
| कामदा एकादशी Kamada चैत्र शुक्ल | 17 अप्रैल, शनिवार | स्मार्त के दिन ही | 16 अप्रैल, 11:21 AM से 09:27 AM, 17 अप्रैल | 18 अप्रैल, 05:53 AM के बाद; द्वादशी 07:41 AM तक |
| वरूथिनी एकादशी Varuthini वैशाख कृष्ण | 2 मई, रविवार | स्मार्त के दिन ही | 1 मई, 06:53 PM से 07:51 PM, 2 मई | 3 मई, 05:39 AM के बाद; द्वादशी 08:03 PM तक |
| मोहिनी एकादशी Mohini वैशाख शुक्ल | 16 मई, रविवार | स्मार्त के दिन ही | 15 मई, 06:17 PM से 05:13 PM, 16 मई | 17 मई, 05:30 AM के बाद; द्वादशी 04:28 PM तक |
| अपरा एकादशी Apara ज्येष्ठ कृष्ण | 1 जून, मंगलवार | स्मार्त के दिन ही | 31 मई, 10:02 AM से 09:39 AM, 1 जून | 2 जून, 05:24 AM के बाद; द्वादशी 08:28 AM तक |
| निर्जला एकादशी Nirjala ज्येष्ठ शुक्ल | 14 जून, सोमवार | सत्यापित नहीं | 14 जून, 02:11 AM से 02:07 AM, 15 जून | 15 जून, 08:13 AM के बाद; द्वादशी 02:30 AM, 16 जून तक |
| योगिनी एकादशी Yogini आषाढ़ कृष्ण | 30 जून, बुधवार | स्मार्त के दिन ही | 29 जून, 10:03 PM से 08:30 PM, 30 जून | 1 जुलाई, 05:27 AM के बाद; द्वादशी 06:14 PM तक |
| देवशयनी एकादशी Devshayani आषाढ़ शुक्ल | 14 जुलाई, बुधवार | स्मार्त के दिन ही | 13 जुलाई, 12:08 PM से 01:09 PM, 14 जुलाई | 15 जुलाई, 05:33 AM के बाद; द्वादशी 02:40 PM तक |
| कामिका एकादशी Kamika श्रावण कृष्ण | 29 जुलाई, गुरुवार | 30 जुलाई, शुक्रवार एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं (क्षय) | 29 जुलाई, 07:33 AM से 05:12 AM, 30 जुलाई | 30 जुलाई, 10:29 AM के बाद; द्वादशी 02:18 AM, 31 जुलाई तक |
| श्रावण पुत्रदा एकादशी Shravana Putrada श्रावण शुक्ल | 12 अगस्त, गुरुवार | सत्यापित नहीं | 12 अगस्त, 12:58 AM से 02:59 AM, 13 अगस्त | 13 अगस्त, 09:34 AM के बाद; द्वादशी 05:20 AM, 14 अगस्त तक |
| अजा एकादशी Aja भाद्रपद कृष्ण | 28 अगस्त, शनिवार | स्मार्त के दिन ही | 27 अगस्त, 03:25 PM से 12:42 PM, 28 अगस्त | 29 अगस्त, 05:57 AM के बाद; द्वादशी 09:35 AM तक |
| परिवर्तिनी एकादशी Parivartini भाद्रपद शुक्ल | 11 सितंबर, शनिवार | सत्यापित नहीं | 10 सितंबर, 05:00 PM से 07:35 PM, 11 सितंबर | 12 सितंबर, 06:04 AM के बाद; द्वादशी 10:12 PM तक |
| इंदिरा एकादशी Indira आश्विन कृष्ण | 26 सितंबर, रविवार | स्मार्त के दिन ही | 25 सितंबर, 10:30 PM से 07:49 PM, 26 सितंबर | 27 सितंबर, 06:12 AM के बाद; द्वादशी 04:55 PM तक |
| पापांकुशा एकादशी Papankusha आश्विन शुक्ल | 11 अक्टूबर, सोमवार | स्मार्त के दिन ही | 10 अक्टूबर, 11:40 AM से 02:08 PM, 11 अक्टूबर | 12 अक्टूबर, 06:20 AM के बाद; द्वादशी 04:13 PM तक |
| रमा एकादशी Rama कार्तिक कृष्ण | 25 अक्टूबर, सोमवार | 26 अक्टूबर, मंगलवार अरुणोदय के समय दशमी | 25 अक्टूबर, 05:39 AM से 03:21 AM, 26 अक्टूबर | 26 अक्टूबर, 08:47 AM के बाद; द्वादशी 01:03 AM, 27 अक्टूबर तक |
| देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी Devutthana (Prabodhini) कार्तिक शुक्ल | 10 नवंबर, बुधवार | स्मार्त के दिन ही | 9 नवंबर, 07:34 AM से 09:11 AM, 10 नवंबर | 11 नवंबर, 06:40 AM के बाद; द्वादशी 10:06 AM तक |
| उत्पन्ना एकादशी Utpanna मार्गशीर्ष कृष्ण | 24 नवंबर, बुधवार | स्मार्त के दिन ही | 23 नवंबर, 01:44 PM से 12:11 PM, 24 नवंबर | 25 नवंबर, 06:51 AM के बाद; द्वादशी 10:50 AM तक |
| मोक्षदा एकादशी Mokshada मार्गशीर्ष शुक्ल | 9 दिसंबर, गुरुवार | सत्यापित नहीं | 9 दिसंबर, 02:58 AM से 03:19 AM, 10 दिसंबर | 10 दिसंबर, 09:13 AM के बाद; द्वादशी 02:53 AM, 11 दिसंबर तक |
| सफला एकादशी Saphala पौष कृष्ण | 23 दिसंबर, गुरुवार | स्मार्त के दिन ही | 22 दिसंबर, 11:40 PM से 11:11 PM, 23 दिसंबर | 24 दिसंबर, 07:11 AM के बाद; द्वादशी 11:08 PM तक |
हर व्रत की तारीख हमारी अपनी गणना है। तारीख तभी दिखाई गई है जब नई दिल्ली के लिए कम से कम दो प्रकाशित पंचांग वही तारीख देते हैं (29 में से 28 स्मार्त तारीखें), और आपके शहर की तारीख नई दिल्ली जैसी ही निकलती है। पारण का समय हर शहर के सूर्योदय से अलग है।
पौष पुत्रदा एकादशी (पौष शुक्ल): स्रोतों में अंतर है। PanchangBodh: 19 जनवरी, मंगलवार; HinduTone (Drik Panchang की तारीखें): 18 जनवरी, सोमवार; DekhoPanchang: 19 जनवरी, मंगलवार। इस बार द्वादशी किसी सूर्योदय पर नहीं पड़ती, इसलिए धर्मसिन्धु के नियम से व्रत एक दिन पहले आता है, जबकि सूर्योदय की तिथि देखने वाले पंचांग अगला दिन देते हैं। अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से तारीख तय करें।
वैष्णव तारीख: रमा (2026), देवउठनी (प्रबोधिनी) (2026), उत्पन्ना (2026), मोक्षदा (2026), विजया (2027), आमलकी (2027), पापमोचनी (2027), निर्जला (2027), श्रावण पुत्रदा (2027), परिवर्तिनी (2027), मोक्षदा (2027) एकादशी की वैष्णव तारीख अभी दो स्रोतों से मेल नहीं खाई, या दूसरा स्रोत नहीं मिला, इसलिए वहाँ "सत्यापित नहीं" लिखा है। कई वैष्णव पंचांग महाद्वादशी के नियम भी मानते हैं, जो हम अभी नहीं गिनते। इस्कॉन के व्रत के लिए इस्कॉन का अपना कैलेंडर देखें।
स्मार्त और वैष्णव एकादशी अलग दिन क्यों होती है
एकादशी तिथि लगभग 20 से 27 घंटे की होती है और किसी भी समय शुरू हो सकती है, जबकि व्रत पूरे दिन का होता है। इसलिए पंचांग को तय करना पड़ता है कि कौन सा दिन एकादशी का दिन माना जाए। स्मार्त (गृहस्थ) परंपरा सूर्योदय देखती है: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो, वही व्रत का दिन। वैष्णव परंपरा सूर्योदय से 96 मिनट (4 घड़ी) पहले के अरुणोदय काल को भी देखती है: अगर उस समय दशमी बाकी हो, तो वह दिन छोड़कर व्रत अगले दिन रखा जाता है।
तीन स्थितियों में नियम और बारीक हो जाता है:
- एकादशी किसी सूर्योदय पर न हो (क्षय): तिथि सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले खत्म हो जाए। तब स्मार्त व्रत उसी दिन होता है जिस दिन एकादशी शुरू होती है, और वैष्णव व्रत अगले दिन।
- एकादशी दो सूर्योदयों पर हो: स्मार्त (गृहस्थ) व्रत पहले दिन, वैष्णव दूसरे दिन। अगर द्वादशी भी अगले सूर्योदय तक रहे, तो प्रकाशित पंचांग स्मार्त व्रत दूसरे दिन और वैष्णव व्रत उसके अगले दिन देते हैं, और हमारी गणना भी यही करती है।
- द्वादशी किसी सूर्योदय पर न हो: तब एकादशी वाले दिन के बाद पारण के लिए द्वादशी नहीं मिलती, इसलिए स्मार्त व्रत एक दिन पहले रखा जाता है।
सूर्योदय और अरुणोदय वेध, क्षय एकादशी, दो सूर्योदयों वाली एकादशी और द्वादशी न मिलने के नियम धर्मसिन्धु, निर्णयसिन्धु और कालमाधव के उन अंशों में हैं जो नीचे स्रोत में दिए गए हैं। कुछ वैष्णव पंचांग इनके अलावा आठ महाद्वादशियों के नियम भी मानते हैं, जिनसे व्रत द्वादशी को चला जाता है। उन्हें हम अभी नहीं गिनते, और जहाँ उनसे फ़र्क पड़ता है वहाँ तारीख "सत्यापित नहीं" रहती है।
एकादशी पारण का समय (Ekadashi Parana Time)
पारण यानी व्रत खोलना। यह व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि खत्म होने से पहले किया जाता है। द्वादशी का पहला चौथाई भाग हरि वासर कहलाता है, जिसमें पारण नहीं किया जाता। इसलिए तालिका में पारण का समय सूर्योदय या हरि वासर के अंत, जो भी बाद में हो, से शुरू होता है और द्वादशी की समाप्ति तक है। नई दिल्ली में रमा एकादशी का पारण 6 नवंबर, 06:37 AM के बाद; द्वादशी 10:30 AM तक।
परंपरा में पारण सुबह के समय करना अच्छा माना जाता है। व्रत में क्या खाएँ और क्या नहीं, यह हर परिवार की अपनी परंपरा है; हम केवल समय की गणना देते हैं।
क्या पूरे भारत में एकादशी एक ही दिन होती है
एकादशी तिथि शुरू और खत्म होने का क्षण पूरे भारत में एक ही होता है, पर सूर्योदय हर शहर में अलग समय पर होता है। इसलिए किसी शहर में तिथि सूर्योदय को छूती है और किसी में नहीं। हमारी गणना में 29 एकादशियों (नवंबर 2026 से दिसंबर 2027) में हमारे 20 शहरों में स्मार्त व्रत की तारीख एक बार भी नहीं बदलती। पर कई बार तारीख तय करने वाला नियम बदल जाता है, और वैष्णव तारीख कुछ शहरों में एक दिन आगे चली जाती है:
| एकादशी | क्या अलग है | शहर |
|---|---|---|
| देवउठनी (प्रबोधिनी) 20 नवंबर 2026 | तारीख वही, पर कारण अलग | कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, वाराणसी, पटना, नागपुर, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, कोच्चि |
| आमलकी 18 मार्च 2027 | वैष्णव तारीख (हमारी गणना) | कोलकाता, पटना, भुवनेश्वर, गुवाहाटी |
| कामिका 29 जुलाई 2027 | तारीख वही, पर कारण अलग | कोलकाता, गुवाहाटी |
| रमा 25 अक्टूबर 2027 | तारीख वही, पर कारण अलग | कोलकाता, गुवाहाटी |
उदाहरण: देवउठनी एकादशी 2026 नई दिल्ली में किसी सूर्योदय को नहीं छूती, जबकि गुवाहाटी और कोच्चि जैसे शहरों में 21 नवंबर के सूर्योदय पर एकादशी होती है पर द्वादशी अगले सूर्योदय तक नहीं रहती। दोनों नियमों से स्मार्त व्रत 20 नवंबर को ही आता है।
हमारे आँकड़े
- 2026: 24 एकादशी व्रत (नई दिल्ली, स्मार्त)। 2 बार एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं, 1 बार दो सूर्योदयों पर। 3 बार हमारे नियमों से स्मार्त और वैष्णव व्रत अलग दिन।
- 2027: 25 एकादशी व्रत (नई दिल्ली, स्मार्त)। 1 बार एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं, 1 बार दो सूर्योदयों पर, 1 बार द्वादशी किसी सूर्योदय पर नहीं। 4 बार हमारे नियमों से स्मार्त और वैष्णव व्रत अलग दिन।
एक चंद्र वर्ष में 24 एकादशी होती हैं, और अधिक मास वाले वर्ष में 26। पर कैलेंडर वर्ष (जनवरी से दिसंबर) में गिनती 24 या 25 आती है, क्योंकि चंद्र मास कैलेंडर के महीनों से छोटे होते हैं। 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास था (17 मई से 15 जून)। पूरे पंचांग की गणना का तरीका गणना कैसे होती है पर है, और रोज़ की तिथि आज की तिथि पर।
एकादशी से जुड़े सवाल
अगली एकादशी कब है?
नई दिल्ली में अगली एकादशी रमा एकादशी (कार्तिक कृष्ण) है। एकादशी तिथि 4 नवंबर 2026 को 11:03 AM से 10:35 AM, 5 नवंबर तक रहेगी। स्मार्त (गृहस्थ) व्रत 5 नवंबर, गुरुवार को।
स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही एकादशी तिथि मानते हैं, पर व्रत का दिन चुनने का नियम अलग है। स्मार्त परंपरा सूर्योदय के समय की तिथि देखती है। वैष्णव परंपरा सूर्योदय से 96 मिनट पहले (अरुणोदय) दशमी हो तो व्रत अगले दिन रखती है। इसलिए कुछ एकादशियों पर दोनों के व्रत अलग दिन पड़ते हैं; 29 में से 5 बार हमारी गणना में ऐसा होता है।
एकादशी का पारण कब करें?
व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद, द्वादशी तिथि खत्म होने से पहले, और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद। नई दिल्ली में रमा एकादशी का पारण 6 नवंबर, 06:37 AM के बाद; द्वादशी 10:30 AM तक।
एक साल में कितनी एकादशी होती हैं?
हर चंद्र मास में दो, यानी साल में 24; अधिक मास वाले वर्ष में 26। जनवरी से दिसंबर के कैलेंडर वर्ष में नई दिल्ली के लिए हमारी गणना से 2026 में 24 और 2027 में 25 एकादशी व्रत हैं।
क्या एकादशी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक हमारी गणना में, हमारे 20 शहरों में स्मार्त व्रत की तारीख हर बार एक ही है। पारण का समय हर शहर में अलग है, क्योंकि वह सूर्योदय पर टिका है। ऊपर अपना शहर चुनें।
स्रोत और जाँच की तारीख
- व्रत के दिन के नियम (सूर्योदय और अरुणोदय वेध, क्षय और वृद्धि एकादशी, द्वादशी न मिलने पर व्रत): धर्मसिन्धु, निर्णयसिन्धु और कालमाधव के अंश, जैसे Advaita-l चर्चा सूची, मार्च 2010 में उद्धृत हैं।
- हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई) और पारण का नियम: Drik Panchang के एकादशी पेज और The Spiritual Scientist।
- एकादशी के नाम: Wikipedia, Ekadashi। कृष्ण पक्ष के नाम पूर्णिमांत मास के अनुसार हैं।
- तारीखों की जाँच (नई दिल्ली): PanchangBodh, HinduTone (Drik Panchang की तारीखें) और DekhoPanchang। एकादशी तिथि के शुरू और खत्म होने के 108 समय मिलाए गए, सबसे बड़ा अंतर 2 मिनट।
सभी स्रोत 28 अक्टूबर 2026 को पढ़े गए। तिथि और सूर्योदय हमारी अपनी खगोलीय गणना है। व्रत की तारीख और विधि के लिए अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित की बात को प्राथमिकता दें।