रोज़ पंचांग

तिथि क्या है (Tithi Kya Hai)

आज के समय नई दिल्ली के अनुसार। सभी समय IST में।

शहर और तारीख

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तिथि चंद्रमा का एक दिन है। चंद्रमा के सूर्य से 12 अंश और आगे बढ़ने में जितना समय लगता है, वह एक तिथि है। ऐसी 30 तिथियों से एक चंद्र महीना बनता है।

अभी की तिथि
कृष्ण सप्तमी (Saptami)
शुरू हुई
31 अक्टूबर 04:57 PM
खत्म होगी
02:51 PM
इस तिथि की लंबाई
21 घंटे 54 मिनट

तिथि को आसान तरीके से समझें

घड़ी की दो सुइयों को सोचिए। बड़ी सुई तेज़ चलती है और छोटी सुई धीरे। आकाश में चंद्रमा तेज़ सुई जैसा है और सूर्य धीमी सुई जैसा।

अमावस्या के अंत में दोनों एक ही दिशा में होते हैं। फिर चंद्रमा आगे निकलने लगता है। वह सूर्य से हर दिन लगभग 12 अंश (डिग्री) और दूर हो जाता है।

यही दूरी तिथि बनाती है। 0 से 12 अंश की दूरी पहली तिथि है, 12 से 24 अंश दूसरी, और इसी तरह आगे। पूरा घेरा 360 अंश का है, इसलिए 30 तिथियाँ बनती हैं।

नीचे तिथि बदलकर देखिए। चंद्रमा की रोशनी उसी दूरी से घटती-बढ़ती है।

सप्तमी Saptami

कृष्ण पक्ष, तिथि 7 · आज की तिथि

चंद्रमा सूर्य से 252° से 264° आगे, 55% प्रकाशित

चंद्रमा सूर्य से हर 12 अंश आगे बढ़ने पर एक तिथि पूरी होती है। 0° पर अमावस्या पूरी होती है और 180° पर पूर्णिमा। चंद्रमा की तस्वीर NASA की है, उस तिथि की रोशनी के साथ।

तिथि और तारीख में क्या अंतर है

तारीख घड़ी और कैलेंडर से चलती है। तिथि चंद्रमा से चलती है। इसीलिए कोई त्योहार हर साल अंग्रेज़ी कैलेंडर की अलग तारीख पर आता है।

तारीखतिथि
कैसे तय होती हैकैलेंडर सेचंद्रमा और सूर्य की दूरी से
कब बदलती हैरात 12 बजेदिन या रात के किसी भी समय
कितनी लंबीहमेशा 24 घंटे20.07 से 26.72 घंटे (2026, हमारी गणना)
2026 में कितनी365371 (हमारी गणना)

30 तिथियों के नाम

महीने के दो हिस्से होते हैं। चंद्रमा बढ़ता है तो शुक्ल पक्ष, घटता है तो कृष्ण पक्ष (पक्ष क्या है)। दोनों में पहली 14 तिथियों के नाम एक जैसे हैं। पंद्रहवीं तिथि पूर्णिमा या अमावस्या है।

क्रमशुक्ल पक्षकृष्ण पक्ष
1प्रतिपदा Pratipadaप्रतिपदा Pratipada
2द्वितीया Dwitiyaद्वितीया Dwitiya
3तृतीया Tritiyaतृतीया Tritiya
4चतुर्थी Chaturthiचतुर्थी Chaturthi
5पंचमी Panchamiपंचमी Panchami
6षष्ठी Shashthiषष्ठी Shashthi
7सप्तमी Saptamiसप्तमी Saptamiअभी
8अष्टमी Ashtamiअष्टमी Ashtami
9नवमी Navamiनवमी Navami
10दशमी Dashamiदशमी Dashami
11एकादशी Ekadashiएकादशी Ekadashi
12द्वादशी Dwadashiद्वादशी Dwadashi
13त्रयोदशी Trayodashiत्रयोदशी Trayodashi
14चतुर्दशी Chaturdashiचतुर्दशी Chaturdashi
15पूर्णिमा Purnimaअमावस्या Amavasya

अमांत गिनती में महीना शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है और पूर्णिमांत गिनती में कृष्ण प्रतिपदा से। दोनों का अंतर हिंदू कैलेंडर पेज पर है।

एक तिथि कितनी लंबी होती है

चंद्रमा की चाल एक जैसी नहीं रहती। वह पृथ्वी के पास तेज़ चलता है और दूर होने पर धीरे। तेज़ चाल में 12 अंश जल्दी पूरे होते हैं, इसलिए तिथि छोटी होती है।

सालसबसे छोटीसबसे लंबीऔसत
202620.07 घंटे26.72 घंटे23.58 घंटे
202720.24 घंटे26.71 घंटे23.66 घंटे

ये हमारी गणना के आँकड़े हैं। गणना का तरीका अलग पेज पर है।

किसी दिन की तिथि कैसे तय होती है

एक तारीख में दो तिथियाँ चल सकती हैं। पंचांग में उस दिन की तिथि वही मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। इससे दो बातें होती हैं।

नई दिल्ली में हमारी गणना से 2026 में 17 क्षय और 11 वृद्धि तिथियाँ हैं। अगली तिथि कृष्ण अष्टमी है। रोज़ की तिथि और उसका समय आज की तिथि पेज पर देखें।

तिथि कहाँ काम आती है

ज़्यादातर व्रत और त्योहार तिथि से तय होते हैं, तारीख से नहीं। हर जगह एक जैसा नियम नहीं है, इसलिए हम हर पेज पर उसका नियम भी बताते हैं।

तिथि से जुड़े सवाल

तिथि का मतलब क्या है?

तिथि चंद्रमा का एक दिन है। चंद्रमा के सूर्य से 12 अंश और आगे बढ़ने में जितना समय लगता है, वह एक तिथि है।

एक महीने में कितनी तिथियाँ होती हैं?

एक चंद्र महीने में 30 तिथियाँ होती हैं। 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।

एक तिथि कितने घंटे की होती है?

हमेशा बराबर नहीं। हमारी गणना में 2026 की सबसे छोटी तिथि 20.07 घंटे की और सबसे लंबी 26.72 घंटे की है। औसत 23.58 घंटे है।

तिथि दिन में किसी भी समय क्यों बदल जाती है?

तिथि घड़ी से नहीं, चंद्रमा की स्थिति से चलती है। चंद्रमा जिस पल अगले 12 अंश पूरे करता है, उसी पल तिथि बदलती है। वह पल दिन या रात का कोई भी समय हो सकता है।

क्या हर शहर में तिथि अलग होती है?

तिथि बदलने का पल पूरी पृथ्वी पर एक ही होता है। पर किसी तारीख की तिथि सूर्योदय से तय होती है, और सूर्योदय हर शहर में अलग समय पर होता है। इसलिए कभी-कभी दो शहरों में एक ही तारीख की तिथि अलग हो सकती है।

क्षय तिथि और वृद्धि तिथि क्या है?

जो तिथि किसी भी सूर्योदय पर नहीं पड़ती, वह क्षय तिथि है। जो तिथि लगातार दो सूर्योदयों पर रहती है, वह वृद्धि तिथि है।

स्रोत और जाँच की तारीख

स्रोत 1 नवंबर 2026 को पढ़े गए।