शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष क्या है (Shukla Paksha, Krishna Paksha)
पक्ष महीने का आधा हिस्सा है। चंद्रमा के बढ़ने वाली 15 तिथियाँ शुक्ल पक्ष हैं। चंद्रमा के घटने वाली 15 तिथियाँ कृष्ण पक्ष हैं।
- अभी का पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- इस पक्ष की तिथि
- अष्टमी (8)
- चंद्रमा
- 55% प्रकाशित, घट रहा है
- यह पक्ष खत्म होगा
- 9 नवंबर 12:31 PM
चंद्रमा बढ़ता और घटता क्यों दिखता है
सूर्य की रोशनी चंद्रमा के आधे हिस्से पर हमेशा पड़ती है। चंद्रमा का आकार नहीं बदलता। बदलता यह है कि उस रोशन हिस्से का कितना भाग हमें पृथ्वी से दिखता है।
अमावस्या पर रोशन हिस्सा हमसे दूसरी ओर होता है, इसलिए चंद्रमा नहीं दिखता। फिर वह रोज़ थोड़ा ज़्यादा दिखता है और पूर्णिमा पर पूरा। उसके बाद रोज़ थोड़ा कम होता जाता है।
शुक्ल पक्ष: चंद्रमा बढ़ता है
कृष्ण पक्ष: चंद्रमा घटता है
शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में अंतर
| शुक्ल पक्ष | कृष्ण पक्ष | |
|---|---|---|
| चंद्रमा | रोज़ बढ़ता है | रोज़ घटता है |
| शुरुआत | अमावस्या के बाद | पूर्णिमा के बाद |
| अंत | पूर्णिमा पर | अमावस्या पर |
| शब्द का अर्थ | उजला | काला, अँधेरा |
| चंद्रमा कब दिखता है | शाम को, सूर्यास्त के बाद | देर रात या सुबह से पहले |
पक्ष की हर तिथि का नाम और अर्थ तिथि क्या है पेज पर है।
एक पक्ष कितना लंबा होता है
अक्सर लिखा मिलता है कि पक्ष 15 दिन का होता है। असल में पक्ष में 15 तिथियाँ होती हैं, और हर तिथि की लंबाई अलग होती है। इसलिए पक्ष कभी 14 दिन से छोटा होता है और कभी 15 दिन से बड़ा।
| साल | सबसे छोटा | सबसे लंबा | औसत |
|---|---|---|---|
| 2026 | 13.96 दिन | 15.58 दिन | 14.78 दिन |
| 2027 | 13.94 दिन | 15.58 दिन | 14.75 दिन |
ये हमारी गणना के आँकड़े हैं: एक पूर्णिमा या अमावस्या के अंत से अगली के अंत तक। गणना का तरीका अलग पेज पर है।
पंचांग की तिथि कैसे पढ़ें
पंचांग की तारीख में तीन बातें होती हैं: महीना, पक्ष और तिथि। अभी की तिथि को ऐसे लिखा जाएगा:
- कार्तिक कृष्ण अष्टमी, पूर्णिमांत गिनती में
- आश्विन कृष्ण अष्टमी, अमांत गिनती में
तिथि एक ही है, केवल महीने का नाम अलग है। कृष्ण पक्ष में दोनों गिनतियाँ अलग नाम देती हैं। इसका कारण हिंदू कैलेंडर पेज पर है।
अभी का और अगले पाँच पक्ष
| पक्ष | शुरू | खत्म |
|---|---|---|
| कृष्णअभी | 26 अक्टूबर 09:41 AM | 9 नवंबर 12:31 PM |
| शुक्ल | 9 नवंबर 12:31 PM | 24 नवंबर 08:22 PM |
| कृष्ण | 24 नवंबर 08:22 PM | 9 दिसंबर 06:21 AM |
| शुक्ल | 9 दिसंबर 06:21 AM | 24 दिसंबर 06:57 AM |
| कृष्ण | 24 दिसंबर 06:57 AM | 7-8 जनवरी की रात 01:53 AM |
| शुक्ल | 7-8 जनवरी की रात 01:53 AM | 22 जनवरी 05:46 PM |
समय IST में है और हर शहर के लिए एक ही है, क्योंकि पक्ष बदलने का पल पूरी पृथ्वी पर एक साथ आता है। व्रत की तारीख अलग नियम से तय हो सकती है: पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी देखें।
पक्ष से जुड़े सवाल
शुक्ल पक्ष क्या होता है?
अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक का समय शुक्ल पक्ष है। इन दिनों चंद्रमा रोज़ बड़ा दिखता है। शुक्ल का अर्थ है उजला।
कृष्ण पक्ष क्या होता है?
पूर्णिमा के बाद से अमावस्या तक का समय कृष्ण पक्ष है। इन दिनों चंद्रमा रोज़ छोटा दिखता है। कृष्ण का अर्थ है काला या अँधेरा।
अभी कौन सा पक्ष चल रहा है?
अभी कृष्ण पक्ष चल रहा है और इसकी अष्टमी तिथि है। यह पक्ष 9 नवंबर 12:31 PM पर खत्म होगा।
एक पक्ष कितने दिन का होता है?
हर पक्ष में 15 तिथियाँ होती हैं, पर वह ठीक 15 दिन का नहीं होता। हमारी गणना में 2026 का सबसे छोटा पक्ष 13.96 दिन का और सबसे लंबा 15.58 दिन का है।
महीने में पहले कौन सा पक्ष आता है?
यह गिनती पर निर्भर है। अमांत गिनती में महीना शुक्ल पक्ष से शुरू होता है। पूर्णिमांत गिनती में महीना कृष्ण पक्ष से शुरू होता है।
क्या कृष्ण पक्ष अशुभ होता है?
कुछ परंपराओं में ऐसा माना जाता है, पर हम शुभ या अशुभ नहीं बताते। आकाश में दोनों पक्ष चंद्रमा की एक ही यात्रा के दो हिस्से हैं। एकादशी दोनों पक्षों में आती है, और दीपावली की अमावस्या कृष्ण पक्ष में पड़ती है।
स्रोत और जाँच की तारीख
- पक्ष की परिभाषा और शब्दों के अर्थ: Wikipedia: Paksha
- चंद्रमा की कलाएँ और वह कब दिखता है: NASA: Moon Phases। दिखने का समय मोटा नियम है और जगह और मौसम से बदलता है।
- अभी का पक्ष, पक्ष की लंबाई और अगले पक्ष: हमारी खगोलीय गणना। तरीका और जाँच
- चंद्रमा की तस्वीर: NASA Scientific Visualization Studio
स्रोत 1 नवंबर 2026 को पढ़े गए।