रोज़ पंचांग

नक्षत्र क्या है (Nakshatra Kya Hai)

नक्षत्र चंद्रमा के रास्ते का एक हिस्सा है। आकाश में चंद्रमा का रास्ता 27 बराबर हिस्सों में बँटा है। चंद्रमा जिस हिस्से में हो, वही उस समय का नक्षत्र है।

अभी का नक्षत्र
पुष्य (Pushya)
क्रम
8 / 27
खत्म होगा
2 नवंबर 04:30 AM
इस नक्षत्र की लंबाई
22 घंटे 51 मिनट

नक्षत्र को आसान तरीके से समझें

एक गोल पटरी सोचिए, जिस पर 27 स्टेशन हैं। चंद्रमा एक ट्रेन की तरह इस पटरी पर घूमता है। वह जिस स्टेशन के हिस्से में हो, वही उस समय का नक्षत्र है।

आकाश का पूरा घेरा 360 अंश का है। इसे 27 से बाँटने पर हर हिस्सा 13 अंश 20 कला का बनता है। कला अंश का साठवाँ भाग है।

चंद्रमा लगभग एक दिन में एक हिस्सा पार करता है। पूरा घेरा वह लगभग 27.3 दिन में पूरा करता है। इसीलिए नक्षत्र रोज़ बदलता है और 27 की गिनती बनती है।

अपना नक्षत्र देखें

नक्षत्र चुनिए। हम बताएँगे कि चंद्रमा उसमें अगली बार कब रहेगा।

चंद्रमा अभी पुष्य में है, 2 नवंबर 04:30 AM तक।

27 नक्षत्रों के नाम

गिनती अश्विनी से शुरू होकर रेवती पर पूरी होती है। स्थान रास्ते पर उस नक्षत्र की जगह बताता है।

क्रमनक्षत्रअगली बार
1अश्विनी Ashwini
0° से 13° 20′
22 नवंबर 05:54 AM
2भरणी Bharani
13° 20′ से 26° 40′
23 नवंबर 04:15 AM
3कृत्तिका Krittika
26° 40′ से 40°
23-24 नवंबर की रात 02:02 AM
4रोहिणी Rohini
40° से 53° 20′
24 नवंबर 11:25 PM
5मृगशिरा Mrigashira
53° 20′ से 66° 40′
25 नवंबर 08:36 PM
6आर्द्रा Ardra
66° 40′ से 80°
26 नवंबर 05:47 PM
7पुनर्वसु Punarvasu
80° से 93° 20′
27 नवंबर 03:08 PM
8पुष्य Pushya
93° 20′ से 106° 40′
अभी, 2 नवंबर 04:30 AM तक
9आश्लेषा Ashlesha
106° 40′ से 120°
2 नवंबर 04:30 AM
10मघा Magha
120° से 133° 20′
2-3 नवंबर की रात 03:46 AM
11पूर्वा फाल्गुनी Purva Phalguni
133° 20′ से 146° 40′
3-4 नवंबर की रात 03:26 AM
12उत्तरा फाल्गुनी Uttara Phalguni
146° 40′ से 160°
4-5 नवंबर की रात 03:30 AM
13हस्त Hasta
160° से 173° 20′
5-6 नवंबर की रात 03:55 AM
14चित्रा Chitra
173° 20′ से 186° 40′
7 नवंबर 04:43 AM
15स्वाति Swati
186° 40′ से 200°
8 नवंबर 05:52 AM
16विशाखा Vishakha
200° से 213° 20′
9 नवंबर 07:24 AM
17अनुराधा Anuradha
213° 20′ से 226° 40′
10 नवंबर 09:19 AM
18ज्येष्ठा Jyeshtha
226° 40′ से 240°
11 नवंबर 11:38 AM
19मूल Mula
240° से 253° 20′
12 नवंबर 02:19 PM
20पूर्वाषाढ़ा Purva Ashadha
253° 20′ से 266° 40′
13 नवंबर 05:17 PM
21उत्तराषाढ़ा Uttara Ashadha
266° 40′ से 280°
14 नवंबर 08:24 PM
22श्रवण Shravana
280° से 293° 20′
15 नवंबर 11:29 PM
23धनिष्ठा Dhanishtha
293° 20′ से 306° 40′
16-17 नवंबर की रात 02:17 AM
24शतभिषा Shatabhisha
306° 40′ से 320°
18 नवंबर 04:34 AM
25पूर्वा भाद्रपद Purva Bhadrapada
320° से 333° 20′
19 नवंबर 06:10 AM
26उत्तरा भाद्रपद Uttara Bhadrapada
333° 20′ से 346° 40′
20 नवंबर 06:56 AM
27रेवती Revati
346° 40′ से 360°
21 नवंबर 06:50 AM

समय IST में है और हर शहर के लिए एक ही है। चंद्रमा एक नक्षत्र में लगभग एक दिन रहता है। रोज़ का नक्षत्र आज का पंचांग में देखें।

तिथि और नक्षत्र में क्या अंतर है

तिथि बताती है कि चंद्रमा सूर्य से कितना आगे है। नक्षत्र बताता है कि चंद्रमा आकाश में कहाँ है। इसलिए एक ही तिथि हर महीने अलग नक्षत्र में पड़ती है।

तिथिनक्षत्र
क्या बताता हैचंद्रमा और सूर्य की दूरीचंद्रमा की आकाश में जगह
कुल कितने3027
एक का आकार12 अंश13 अंश 20 कला
पूरा चक्रलगभग 29.5 दिनलगभग 27.3 दिन

एक नक्षत्र कितना लंबा होता है

सभी नक्षत्र आकाश में बराबर हैं, पर समय में बराबर नहीं। चंद्रमा कभी तेज़ चलता है और कभी धीरे। तेज़ चाल में वह नक्षत्र जल्दी पार कर लेता है।

सालसबसे छोटासबसे लंबाऔसत
202620.9 घंटे27.13 घंटे24.24 घंटे
202721.02 घंटे27.15 घंटे24.32 घंटे

ये हमारी गणना के आँकड़े हैं। गणना का तरीका अलग पेज पर है।

पद और अभिजित

नक्षत्र से जुड़े सवाल

नक्षत्र का मतलब क्या है?

नक्षत्र चंद्रमा के रास्ते का एक हिस्सा है। यह रास्ता 27 बराबर हिस्सों में बँटा है। चंद्रमा जिस हिस्से में हो, वही उस समय का नक्षत्र है।

कुल कितने नक्षत्र होते हैं?

आज के पंचांगों में 27 नक्षत्र हैं, अश्विनी से रेवती तक। पुरानी परंपरा में 28 की गिनती भी थी, जिसमें अभिजित अलग नक्षत्र था।

अभी कौन सा नक्षत्र है?

अभी पुष्य नक्षत्र है। यह 2 नवंबर 04:30 AM तक रहेगा। इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा।

एक नक्षत्र कितनी देर रहता है?

लगभग एक दिन, पर बराबर नहीं। हमारी गणना में 2026 का सबसे छोटा नक्षत्र 20.9 घंटे का और सबसे लंबा 27.13 घंटे का है।

क्या हर शहर में नक्षत्र अलग होता है?

नक्षत्र बदलने का पल हर शहर में एक ही होता है। पर पंचांग में किसी दिन का नक्षत्र सूर्योदय से देखा जाता है। सूर्योदय शहर के साथ बदलता है, इसलिए कभी उस दिन का नक्षत्र अलग दिख सकता है।

जन्म नक्षत्र क्या होता है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, उसे जन्म नक्षत्र कहते हैं। हम स्वभाव या भविष्य के बारे में कुछ नहीं बताते। यह पेज केवल बताता है कि चंद्रमा किस नक्षत्र में कब है।

स्रोत और जाँच की तारीख

स्रोत 1 नवंबर 2026 को पढ़े गए।