योग और करण क्या हैं (Yoga, Karana in Panchang)
योग और करण पंचांग के दो अंग हैं। योग सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के जोड़ से बनता है। करण तिथि का आधा भाग है।
- अभी का योग
- शुभ
- यह योग खत्म होगा
- 2 नवंबर 12:07 PM
- अभी का करण
- बालव
- यह करण खत्म होगा
- 1-2 नवंबर की रात 01:57 AM
योग क्या है
पहले एक बात साफ़ कर लें। पंचांग का योग आसन या व्यायाम नहीं है। यह आकाश की एक गणना है।
तिथि सूर्य और चंद्रमा की दूरी से बनती है, यानी घटाने से। योग इन दोनों की स्थिति को जोड़ने से बनता है।
इस जोड़ का पूरा घेरा 360 अंश का है। इसे 27 बराबर हिस्सों में बाँटा गया है, और हर हिस्सा एक योग है। नक्षत्र की तरह हर हिस्सा 13 अंश 20 कला का है।
27 योगों के नाम
| क्रम | योग | अगली बार |
|---|---|---|
| 1 | विष्कुम्भ Vishkambha | 6 नवंबर 05:10 AM |
| 2 | प्रीति Priti | 7 नवंबर 04:10 AM |
| 3 | आयुष्मान Ayushman | 7-8 नवंबर की रात 03:28 AM |
| 4 | सौभाग्य Saubhagya | 8-9 नवंबर की रात 03:03 AM |
| 5 | शोभन Shobhana | 9-10 नवंबर की रात 02:57 AM |
| 6 | अतिगण्ड Atiganda | 10-11 नवंबर की रात 03:10 AM |
| 7 | सुकर्मा Sukarma | 11-12 नवंबर की रात 03:40 AM |
| 8 | धृति Dhriti | 13 नवंबर 04:26 AM |
| 9 | शूल Shula | 14 नवंबर 05:23 AM |
| 10 | गण्ड Ganda | 15 नवंबर 06:23 AM |
| 11 | वृद्धि Vriddhi | 16 नवंबर 07:16 AM |
| 12 | ध्रुव Dhruva | 17 नवंबर 07:54 AM |
| 13 | व्याघात Vyaghata | 18 नवंबर 08:05 AM |
| 14 | हर्षण Harshana | 19 नवंबर 07:43 AM |
| 15 | वज्र Vajra | 20 नवंबर 06:40 AM |
| 16 | सिद्धि Siddhi | 21 नवंबर 04:56 AM |
| 17 | व्यतीपात Vyatipata | 21-22 नवंबर की रात 02:31 AM |
| 18 | वरीयान Variyana | 22 नवंबर 11:29 PM |
| 19 | परिघ Parigha | 23 नवंबर 07:58 PM |
| 20 | शिव Shiva | 24 नवंबर 04:06 PM |
| 21 | सिद्ध Siddha | 25 नवंबर 12:00 PM |
| 22 | साध्य Sadhya | 26 नवंबर 07:50 AM |
| 23 | शुभ Shubha | अभी, 2 नवंबर 12:07 PM तक |
| 24 | शुक्ल Shukla | 2 नवंबर 12:07 PM |
| 25 | ब्रह्म Brahma | 3 नवंबर 09:54 AM |
| 26 | इन्द्र Indra | 4 नवंबर 08:01 AM |
| 27 | वैधृति Vaidhriti | 5 नवंबर 06:26 AM |
समय IST में है और हर शहर के लिए एक ही है। हम योगों को शुभ या अशुभ नहीं बताते।
करण क्या है
हर तिथि के दो आधे भाग होते हैं, और हर आधा भाग एक करण है। चंद्रमा सूर्य से 6 अंश और आगे बढ़ता है तो एक करण पूरा होता है।
महीने में 30 तिथियाँ हैं, इसलिए 60 करण बनते हैं। पर नाम केवल 11 हैं, क्योंकि सात नाम हफ्ते के दिनों की तरह बार-बार आते हैं।
11 करणों के नाम
| करण | महीने में कब |
|---|---|
| बव Bava | 8 बार, क्रम से |
| बालव Balava | 8 बार, क्रम से |
| कौलव Kaulava | 8 बार, क्रम से |
| तैतिल Taitila | 8 बार, क्रम से |
| गर Garaja | 8 बार, क्रम से |
| वणिज Vanija | 8 बार, क्रम से |
| विष्टि (भद्रा) Vishti (Bhadra) | 8 बार, क्रम से |
| किंस्तुघ्न Kimstughna | 1 बार: शुक्ल प्रतिपदा का पहला आधा भाग |
| शकुनि Shakuni | 1 बार: कृष्ण चतुर्दशी का दूसरा आधा भाग |
| चतुष्पद Chatushpada | 1 बार: अमावस्या का पहला आधा भाग |
| नाग Naga | 1 बार: अमावस्या का दूसरा आधा भाग |
अभी का और अगले 7 करण
| करण | शुरू | खत्म |
|---|---|---|
| बालवअभी | 1 नवंबर 02:51 PM | 1-2 नवंबर की रात 01:57 AM |
| कौलव | 1-2 नवंबर की रात 01:57 AM | 2 नवंबर 01:10 PM |
| तैतिल | 2 नवंबर 01:10 PM | 2-3 नवंबर की रात 12:29 AM |
| गर | 2-3 नवंबर की रात 12:29 AM | 3 नवंबर 11:54 AM |
| वणिज | 3 नवंबर 11:54 AM | 3 नवंबर 11:25 PM |
| विष्टि (भद्रा) | 3 नवंबर 11:25 PM | 4 नवंबर 11:03 AM |
| बव | 4 नवंबर 11:03 AM | 4 नवंबर 10:46 PM |
| बालव | 4 नवंबर 10:46 PM | 5 नवंबर 10:35 AM |
योग और करण कितने लंबे होते हैं
चंद्रमा की चाल बदलती रहती है, इसलिए इनकी लंबाई भी बदलती है। योग पर सूर्य और चंद्रमा दोनों की चाल जुड़ती है, इसलिए वह नक्षत्र से थोड़ा छोटा होता है।
| सबसे छोटा | सबसे लंबा | औसत | |
|---|---|---|---|
| योग 2026 | 19.6 घंटे | 25 घंटे | 22.55 घंटे |
| योग 2027 | 19.7 घंटे | 25.12 घंटे | 22.63 घंटे |
| करण 2026 | 10.03 घंटे | 13.37 घंटे | 11.79 घंटे |
| करण 2027 | 10.12 घंटे | 13.37 घंटे | 11.83 घंटे |
ये हमारी गणना के आँकड़े हैं। गणना का तरीका अलग पेज पर है। रोज़ का योग और करण आज का पंचांग में देखें।
योग और करण से जुड़े सवाल
पंचांग में योग क्या होता है?
योग सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के जोड़ से बनता है। जोड़ के हर 13 अंश 20 कला पर एक योग पूरा होता है। ऐसे 27 योग हैं।
करण क्या होता है?
करण तिथि का आधा भाग है। चंद्रमा के सूर्य से 6 अंश और आगे बढ़ने में जितना समय लगता है, वह एक करण है।
अभी कौन सा योग और करण है?
अभी शुभ योग 2 नवंबर 12:07 PM तक और बालव करण 1-2 नवंबर की रात 01:57 AM तक है।
क्या पंचांग का योग और व्यायाम वाला योग एक है?
नहीं। दोनों का नाम एक है, पर पंचांग का योग आकाश की एक गणना है। इसका आसन या व्यायाम से कोई संबंध नहीं है।
करण कितने होते हैं?
नाम 11 हैं, पर एक चंद्र महीने में 60 करण आते हैं। सात नाम 8 बार घूमते हैं, और चार नाम महीने में एक-एक बार आते हैं।
क्या योग और करण शहर से बदलते हैं?
इनके बदलने का पल हर शहर में एक ही होता है। पर पंचांग में किसी दिन का योग और करण सूर्योदय से देखा जाता है, और सूर्योदय शहर के साथ बदलता है।
स्रोत और जाँच की तारीख
- योग की परिभाषा और 27 योग: Wikipedia: Panchangam
- करण की परिभाषा, 60 करण और 11 नाम: Wikipedia: Karana
- अभी का योग और करण, अगली तारीखें और लंबाई: हमारी खगोलीय गणना। तरीका और जाँच
स्रोत 1 नवंबर 2026 को पढ़े गए।