भद्रा क्या है (Bhadra Kaal Kya Hota Hai)
भद्रा पंचांग का एक तय समय है। इसका दूसरा नाम विष्टि करण है। यह चंद्र महीने में 8 बार आती है, और हर बार आधी तिथि जितनी रहती है।
- अभी
- भद्रा नहीं है
- अगली भद्रा शुरू
- 3 नवंबर 11:25 PM
- खत्म
- 4 नवंबर 11:03 AM
- इस भद्रा की लंबाई
- 11 घंटे 37 मिनट
अगली 8 भद्रा का समय
| शुरू | खत्म | तिथि |
|---|---|---|
| 3 नवंबर 11:25 PM | 4 नवंबर 11:03 AM | कृष्ण दशमी |
| 7 नवंबर 10:47 AM | 7 नवंबर 11:04 PM | कृष्ण चतुर्दशी |
| 13 नवंबर 07:24 AM | 13 नवंबर 08:42 PM | शुक्ल चतुर्थी |
| 17 नवंबर 04:19 AM | 17 नवंबर 05:17 PM | शुक्ल अष्टमी |
| 20 नवंबर 07:00 PM | 21 नवंबर 06:31 AM | शुक्ल एकादशी |
| 23 नवंबर 11:42 PM | 24 नवंबर 10:04 AM | पूर्णिमा |
| 26 नवंबर 11:30 PM | 27 नवंबर 09:48 AM | कृष्ण तृतीया |
| 29-30 नवंबर की रात 01:46 AM | 30 नवंबर 12:54 PM | कृष्ण सप्तमी |
समय IST में है और हर शहर के लिए एक ही है।
भद्रा कैसे बनती है
हर तिथि के दो आधे भाग होते हैं। हर आधे भाग को करण कहते हैं। एक चंद्र महीने में 30 तिथियाँ हैं, इसलिए 60 करण बनते हैं।
करणों के नाम एक तय क्रम में चलते हैं। सात नाम बार-बार घूमते हैं, जैसे हफ्ते के सात दिन: बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज और विष्टि। चार नाम महीने में एक-एक बार आते हैं।
इस क्रम का सातवाँ नाम विष्टि है, और इसी को भद्रा कहते हैं। सातों नाम महीने में 8 बार घूमते हैं, इसलिए भद्रा भी 8 बार आती है।
महीने में भद्रा कब आती है
भद्रा हर महीने उन्हीं तिथियों के उन्हीं भागों में आती है। तिथि देखकर ही पता चल जाता है कि भद्रा आने वाली है।
| तिथि | तिथि का भाग |
|---|---|
| शुक्ल चतुर्थी | दूसरा आधा भाग |
| शुक्ल अष्टमी | पहला आधा भाग |
| शुक्ल एकादशी | दूसरा आधा भाग |
| पूर्णिमा | पहला आधा भाग |
| कृष्ण तृतीया | दूसरा आधा भाग |
| कृष्ण सप्तमी | पहला आधा भाग |
| कृष्ण दशमी | दूसरा आधा भाग |
| कृष्ण चतुर्दशी | पहला आधा भाग |
भद्रा कितनी लंबी होती है
अलग-अलग जगह इसके अलग आँकड़े मिलते हैं, इसलिए हमने हर भद्रा को गिना। भद्रा तिथि का आधा भाग है, और तिथि की लंबाई बदलती रहती है। इसलिए भद्रा की लंबाई भी बदलती है।
| साल | कितनी बार | सबसे छोटी | सबसे लंबी | औसत |
|---|---|---|---|---|
| 2026 | 99 | 10.1 घंटे | 13.33 घंटे | 11.82 घंटे |
| 2027 | 98 | 10.13 घंटे | 13.34 घंटे | 11.85 घंटे |
जोड़ने पर 2026 के लगभग 13.4% समय में भद्रा रहती है। यानी यह कोई दुर्लभ समय नहीं, पंचांग का नियमित हिस्सा है।
ये हमारी गणना के आँकड़े हैं। गणना का तरीका अलग पेज पर है।
परंपरा क्या कहती है
परंपरा में भद्रा के समय शुभ काम टाले जाते हैं। रक्षाबंधन और होलिका दहन के समय इसकी चर्चा सबसे ज़्यादा होती है। इस नियम के अपवाद भी बताए जाते हैं।
कुछ पंचांग चंद्रमा की राशि से भद्रा का वास भी बताते हैं। हम वास या शुभ-अशुभ नहीं बताते। हम केवल समय की गणना देते हैं। किसी खास काम के लिए अपने पुरोहित से पूछें।
भद्रा से जुड़े सवाल
भद्रा क्या होती है?
भद्रा विष्टि करण का दूसरा नाम है। करण तिथि का आधा भाग होता है। 11 करणों में विष्टि सातवाँ है।
अगली भद्रा कब है?
अगली भद्रा 3 नवंबर 11:25 PM से 4 नवंबर 11:03 AM तक है।
भद्रा कितने घंटे की होती है?
हमारी गणना में 2026 की सबसे छोटी भद्रा 10.1 घंटे की और सबसे लंबी 13.33 घंटे की है। औसत 11.82 घंटे है।
भद्रा महीने में कितनी बार आती है?
एक चंद्र महीने में 8 बार: 4 बार शुक्ल पक्ष में और 4 बार कृष्ण पक्ष में। हमारी गणना में 2026 में कुल 99 बार भद्रा आती है।
क्या भद्रा का समय शहर से बदलता है?
नहीं। भद्रा चंद्रमा और सूर्य की दूरी से तय होती है, इसलिए इसके शुरू और खत्म होने का पल हर शहर में एक ही है। समय IST में एक जैसा दिखता है।
क्या भद्रा में कोई काम करना चाहिए?
हम शुभ या अशुभ की सलाह नहीं देते। परंपरा में भद्रा के समय शुभ काम टाले जाते हैं, और इस नियम के अपवाद भी बताए जाते हैं। किसी खास काम के लिए अपने पुरोहित से पूछें।
स्रोत और जाँच की तारीख
- करण की परिभाषा, 60 करण, 11 नाम और 7 नामों का 8 बार घूमना: Wikipedia: Karana
- परंपरा में भद्रा: ETV Bharat
- भद्रा का समय, गिनती और लंबाई: हमारी खगोलीय गणना। तरीका और जाँच
स्रोत 1 नवंबर 2026 को पढ़े गए।