रोज़ पंचांग

तिथि1 फ़रवरी 2026, रविवार

पूर्णिमा Purnima

शुक्ल पक्ष, माघ मास · नई दिल्ली

पूर्णिमा तिथि1-2 फ़रवरी की रात 03:38 AMतक

शहर और तारीख

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चंद्रमा 99% प्रकाशित

1 फ़रवरी 2026 को रविवार है और सूर्योदय के समय माघ मास, शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (Purnima) तिथि है। यह तिथि 05:52 AM से शुरू हुई और 1-2 फ़रवरी की रात 03:38 AM तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू होगी।

आज और अगले 7 दिनों की तिथि (Tithi Today)

सूर्योदय के समय, नई दिल्ली
तारीखतिथिसमाप्ति
1 फ़रवरी 2026
रविवार
शुक्ल पूर्णिमा1-2 फ़रवरी की रात 03:38 AM
2 फ़रवरी 2026
सोमवार
कृष्ण प्रतिपदा2-3 फ़रवरी की रात 01:52 AM
3 फ़रवरी 2026
मंगलवार
कृष्ण द्वितीया3-4 फ़रवरी की रात 12:40 AM
4 फ़रवरी 2026
बुधवार
कृष्ण तृतीया4-5 फ़रवरी की रात 12:09 AM
5 फ़रवरी 2026
गुरुवार
कृष्ण चतुर्थी5-6 फ़रवरी की रात 12:22 AM
6 फ़रवरी 2026
शुक्रवार
कृष्ण पंचमी6-7 फ़रवरी की रात 01:18 AM
7 फ़रवरी 2026
शनिवार
कृष्ण षष्ठी7-8 फ़रवरी की रात 02:54 AM

कभी-कभी एक तिथि दो सूर्योदयों तक चलती है (वृद्धि तिथि), और कभी कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच शुरू होकर खत्म भी हो जाती है, यानी किसी सूर्योदय पर नहीं पड़ती (क्षय तिथि)। इसलिए ऊपर की सूची में कभी कोई तिथि दोहराई जाती है या छूट जाती है।

तिथि कैसे निकलती है और कितनी लंबी होती है

तिथि को आसान भाषा में तिथि क्या है पेज पर समझें। तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच के कोण से तय होती है। अमावस्या पर चंद्रमा और सूर्य एक ही दिशा में होते हैं। इसके बाद चंद्रमा रोज़ लगभग 12 से 13 अंश आगे निकलता है। चंद्रमा जब सूर्य से 12 अंश आगे हो जाता है तो प्रतिपदा खत्म होती है, 24 अंश पर द्वितीया, और इसी तरह 180 अंश पर पूर्णिमा पूरी होती है। 180 से 360 अंश तक कृष्ण पक्ष की 15 तिथियाँ चलती हैं।

चंद्रमा की चाल एक जैसी नहीं रहती, इसलिए एक तिथि की लंबाई बदलती रहती है। हमारी गणना में 2026 में सबसे छोटी तिथि 20.07 घंटे की, सबसे लंबी 26.72 घंटे की और औसत तिथि 23.58 घंटे की है। यही कारण है कि तिथि का समाप्ति समय रोज़ बदलता है और घड़ी के दिन से मेल नहीं खाता।

तिथि बदलने का क्षण पूरी पृथ्वी पर एक साथ होता है, इसलिए समाप्ति समय (IST में) हर शहर में एक जैसा रहता है। पर किसी दिन की तिथि सूर्योदय से तय होती है और सूर्योदय हर शहर में अलग है, इसलिए कभी-कभी दो शहरों में एक ही तारीख की तिथि अलग हो सकती है। व्रत के दिन तय करने के नियम इससे भी आगे जाते हैं; एकादशी के लिए वे नियम और 2026-27 की तारीखें एकादशी पेज पर हैं।

पूरा पंचांग (नक्षत्र, योग, करण, शुभ समय) आज का पंचांग पर है। गणना का तरीका यहाँ है।

पूर्णिमा Purnima

शुक्ल पक्ष, तिथि 15 · आज की तिथि

चंद्रमा सूर्य से 168° से 180° आगे, 99% प्रकाशित

चंद्रमा सूर्य से हर 12 अंश आगे बढ़ने पर एक तिथि पूरी होती है। 0° पर अमावस्या पूरी होती है और 180° पर पूर्णिमा। चंद्रमा की तस्वीर NASA की है, उस तिथि की रोशनी के साथ।

आज की तिथि क्या है (Aaj Ki Tithi Kya Hai): सवाल-जवाब

आज कौन सी तिथि है?

नई दिल्ली में 1 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय के समय शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जो 05:52 AM से शुरू हुई और 1-2 फ़रवरी की रात 03:38 AM तक रहेगी।

एक तिथि कितने घंटे की होती है?

तिथि की लंबाई चंद्रमा की बदलती चाल के कारण घटती-बढ़ती है। हमारी गणना में 2026 में 371 तिथियाँ हैं: सबसे छोटी 20.07 घंटे की, सबसे लंबी 26.72 घंटे की और औसत 23.58 घंटे की।

क्षय तिथि और वृद्धि तिथि क्या होती है?

जो तिथि किसी भी सूर्योदय पर नहीं पड़ती, यानी दो सूर्योदयों के बीच शुरू होकर खत्म हो जाती है, उसे क्षय तिथि कहते हैं। जो तिथि लगातार दो सूर्योदयों पर रहती है, वह वृद्धि तिथि है। नई दिल्ली में 2026 में हमारी गणना से 17 क्षय और 11 वृद्धि तिथियाँ हैं; शहर बदलने पर ये तारीखें कभी-कभी बदल सकती हैं, क्योंकि सूर्योदय बदल जाता है।

अगली अमावस्या और पूर्णिमा कब है?

अमावस्या तिथि तब पूरी होती है जब चंद्रमा और सूर्य एक ही दिशा में आते हैं, और पूर्णिमा तब जब चंद्रमा सूर्य से 180 अंश आगे हो। नई दिल्ली में अगली बार सूर्योदय पर पूर्णिमा तिथि 1 फ़रवरी 2026 को और अमावस्या तिथि 17 फ़रवरी 2026 को रहेगी। व्रत की तारीख अलग नियम से तय हो सकती है।

एक ही तारीख में दो तिथियाँ क्यों दिखती हैं?

तिथि घड़ी के दिन से नहीं बँधी है। अगर किसी दिन दोपहर में तिथि बदलती है, तो उस तारीख में सुबह एक तिथि और दोपहर के बाद दूसरी तिथि चलती है। पंचांग में उस दिन की तिथि सूर्योदय वाली मानी जाती है, और हम दोनों का समय दिखाते हैं।