पंचांग3 नवंबर 2026, मंगलवार
नवमी Navami
कृष्ण पक्ष, कार्तिक मास · नई दिल्ली
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
नई दिल्ली3 नवंबर को नई दिल्ली का आसमान: सूर्य और चंद्रमा उसी जगह दिखाए गए हैं जहाँ वे इस समय आसमान में हैं। चित्र वाराणसी के घाट का है; आसमान, सूर्य-चंद्रमा और सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं।
आप 3 नवंबर का 12:04 PM देख रहे हैं।
हिंदी पंचांग: दिन भर की समय रेखा (Hindi Panchang Today)
आसमान, सूर्य और चंद्रमा नई दिल्ली के लिए हमारी गणना से। घाट की फ़ोटो (वाराणसी): Mirrormundo, Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0; आसमान हटाया गया और रोशनी बदली गई।
शुभ और अशुभ मुहूर्त
शुभ समय
अशुभ समय
नक्षत्र, योग और करण
- तिथि Tithi
- नवमी (Navami) 11:54 AM तकदशमी (Dashami) अगले सूर्योदय तक
- नक्षत्र Nakshatra
- मघा (Magha) 3-4 नवंबर की रात 03:26 AM तकपूर्वा फाल्गुनी (Purva Phalguni) अगले सूर्योदय तक
- योग Yoga
- शुक्ल (Shukla) 09:54 AM तकब्रह्म (Brahma) अगले सूर्योदय तक
- करण Karana
- गर (Garaja) 11:54 AM तकवणिज (Vanija) 11:25 PM तकविष्टि (भद्रा) (Vishti (Bhadra)) अगले सूर्योदय तक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- वार
- मंगलवार
- सूर्योदय / सूर्यास्त
- 06:34 AM / 05:35 PM
- चंद्रोदय / चंद्रास्त
- 3-4 नवंबर की रात 01:47 AM / 01:59 PM
- दिनमान
- 11 घंटे 0 मिनट (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
- सूर्य / चंद्र राशि
- तुला / सिंह (सूर्योदय पर)
- मास
- कार्तिक (पूर्णिमांत)आश्विन (अमांत)पूर्णिमांत गिनती में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, अमांत में अमावस्या के बाद। इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम अलग होते हैं; तिथि वही रहती है।
- संवत
- विक्रम 2083, शक 1948वर्ष गिनने की दो पारंपरिक गणनाएँ।
इस महीने की तिथियाँ और चंद्रमा
हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं। "व्रत" उस दिन लिखा है जिस दिन स्मार्त एकादशी व्रत है, जो कभी-कभी रंग वाली तिथि से अलग दिन होता है; यह केवल दो स्रोतों से मिलाई गई तारीखों पर दिखता है। आज का दिन घेरे में है। पूरी सूची और पारण का समय एकादशी पेज पर है। पूर्णिमा और अमावस्या की सभी तारीखें, और त्योहारों की सूची। दीपावली और होली के अलग पेज हैं। पूरा महीना हिंदू कैलेंडर में देखें।
पंचांग के पाँच अंग क्या बताते हैं
आज का पंचांग पाँच अंगों से बनता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इनमें वार को छोड़कर बाकी चारों सूर्य और चंद्रमा की आकाश में स्थिति से निकलते हैं, इसलिए इनके बदलने का समय रोज़ अलग होता है और घड़ी के दिन से मेल नहीं खाता।
नवमी Navami
कृष्ण पक्ष, तिथि 9 · आज की तिथि
चंद्रमा सूर्य से 276° से 288° आगे, 37% प्रकाशित
- तिथि: चंद्रमा सूर्य से जितना आगे है, उस कोण के हर 12 अंश पर एक तिथि। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। आज की तिथि विस्तार से
- नक्षत्र: चंद्रमा आकाश के 27 बराबर भागों (हर भाग 13 अंश 20 कला) में से जिस भाग में है।
- योग: सूर्य और चंद्रमा के निरयन भोगांशों का जोड़, 27 बराबर भागों में बाँटा हुआ।
- करण: तिथि का आधा भाग। एक चंद्र मास में 60 करण होते हैं, जिनमें 7 करण बार-बार आते हैं और 4 करण मास में एक-एक बार।
- वार: पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
आपके शहर के अनुसार समय क्यों बदलता है
तिथि, नक्षत्र और योग के बदलने का क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होता है, इसलिए भारत के हर शहर में ये समय (IST में) एक जैसे दिखते हैं। सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और उन पर टिके राहु काल, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया हर शहर में अलग होते हैं। हमारी सूची के 20 शहरों में 21 जून 2026 को सूर्योदय का अंतर 94 मिनट है: सबसे पहले गुवाहाटी में और सबसे बाद में कोच्चि में। इसलिए ऊपर अपना शहर चुनें; अगली बार साइट वही शहर खोलेगी।
हम ये सभी समय खुद खगोलीय गणना से निकालते हैं और हर बार 20 शहरों के 206 शहर-तारीख जोड़ों पर इनकी जाँच करते हैं। तरीका और जाँच के नतीजे गणना कैसे होती है पेज पर हैं।
आज के पंचांग से जुड़े सवाल
आज कौन सी तिथि और कौन सा नक्षत्र है?
नई दिल्ली में 3 नवंबर 2026 को सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो 11:54 AM तक रहेगी, और नक्षत्र मघा है। पूरा विवरण ऊपर के पंचांग में है।
आज का शुभ मुहूर्त कब है?
नई दिल्ली में 3 नवंबर 2026 को अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:26 PM तक है, और ब्रह्म मुहूर्त 04:50 AM से 05:42 AM तक है। दिन भर के शुभ और अशुभ भाग चौघड़िया पेज पर हैं। विवाह, गृह प्रवेश जैसे बड़े काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से तय करवाएँ; हम व्यक्तिगत मुहूर्त नहीं निकालते।
आज सूर्योदय और सूर्यास्त कितने बजे है?
नई दिल्ली में 3 नवंबर 2026 को सूर्योदय 06:34 AM और सूर्यास्त 05:35 PM पर है। यह समय सूर्य के ऊपरी किनारे के क्षितिज पर दिखने का है, वायुमंडल के अपवर्तन को जोड़कर।
ब्रह्म मुहूर्त कब से कब तक होता है?
सूर्यास्त से सूर्योदय तक की रात को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटा जाता है। ब्रह्म मुहूर्त इनमें चौदहवाँ है, यानी सूर्योदय से दो मुहूर्त पहले शुरू होकर एक मुहूर्त पहले खत्म होता है। रात की लंबाई के साथ एक मुहूर्त बदलता है; नई दिल्ली में 2026 में यह लगभग 40 से 55 मिनट का है (हमारी गणना)।
पंचांग में दिन सूर्योदय से क्यों गिना जाता है?
हिंदू पंचांग में वार और दिन की तिथि सूर्योदय से तय होते हैं, आधी रात से नहीं। इसलिए किसी तारीख की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो, भले ही वह दोपहर में बदल जाए।
यह पंचांग कितना सही है?
हर बार साइट बनने से पहले हमारी गणना 20 शहरों के 206 शहर-तारीख जोड़ों पर एक जाने-माने पंचांग से मिलाई जाती है: कुल 8,642 जाँचें, सबसे बड़ा अंतर 1 मिनट। पूरा तरीका यहाँ है।