रोज़ पंचांग

पंचांग1 अगस्त 2026, शनिवार

तृतीया Tritiya

कृष्ण पक्ष, श्रावण मास · नई दिल्ली

तृतीया तिथि11:07 PMतक

शहर और तारीख

आपका स्थान केवल आपके फ़ोन में सबसे पास का शहर ढूँढने के लिए उपयोग होता है; हम उसे कहीं नहीं भेजते।

चंद्रमा 94% प्रकाशित
सूर्योदय
05:42 AM
सूर्यास्त
07:12 PM
नक्षत्र (सूर्योदय पर)
शतभिषा
राहु काल
09:05 AM से 10:46 AM

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

नई दिल्ली

1 अगस्त को नई दिल्ली का आसमान: सूर्य और चंद्रमा उसी जगह दिखाए गए हैं जहाँ वे इस समय आसमान में हैं। चित्र वाराणसी के घाट का है; आसमान, सूर्य-चंद्रमा और सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं।

12:27 PM
सूर्य 79° ऊँचा, दक्षिण में
समय बदलने के लिए आसमान या नीचे की पट्टी खींचें
कालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभ

आप 1 अगस्त का 12:27 PM देख रहे हैं।

हिंदी पंचांग: दिन भर की समय रेखा (Hindi Panchang Today)

चौघड़िया
चर (Char), शुभ
12:27 PM से 02:09 PM
राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, अभिजित
अभिजित मुहूर्त
12:00 PM से 12:54 PM
तिथि
कृष्ण पक्ष तृतीया
11:07 PM तक
नक्षत्र
शतभिषा (Shatabhisha)
08:45 PM तक

आसमान, सूर्य और चंद्रमा नई दिल्ली के लिए हमारी गणना से। घाट की फ़ोटो (वाराणसी): Mirrormundo, Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0; आसमान हटाया गया और रोशनी बदली गई।

शुभ और अशुभ मुहूर्त

शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM से 05:00 AMपरंपरा में पूजा और ध्यान का समय
अभिजित मुहूर्त12:00 PM से 12:54 PMदिन के बीच का मुहूर्त
अशुभ समय
राहु काल09:05 AM से 10:46 AMपरंपरा में नया काम टाला जाता है
यमगण्ड02:09 PM से 03:50 PMदिन के आठ भागों में से एक
गुलिक काल05:42 AM से 07:24 AMदिन के आठ भागों में से एक

नक्षत्र, योग और करण

तिथि Tithi
तृतीया (Tritiya) 11:07 PM तक
चतुर्थी (Chaturthi) अगले सूर्योदय तक
नक्षत्र Nakshatra
शतभिषा (Shatabhisha) 08:45 PM तक
पूर्वा भाद्रपद (Purva Bhadrapada) अगले सूर्योदय तक
योग Yoga
शोभन (Shobhana) 11:23 PM तक
अतिगण्ड (Atiganda) अगले सूर्योदय तक
करण Karana
वणिज (Vanija) 10:52 AM तक
विष्टि (भद्रा) (Vishti (Bhadra)) 11:07 PM तक
बव (Bava) अगले सूर्योदय तक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
वार
शनिवार
सूर्योदय / सूर्यास्त
05:42 AM / 07:12 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त
08:55 PM / 07:56 AM
दिनमान
13 घंटे 30 मिनट (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
सूर्य / चंद्र राशि
कर्क / कुम्भ (सूर्योदय पर)
मास
श्रावण (पूर्णिमांत)
आषाढ़ (अमांत)
पूर्णिमांत गिनती में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, अमांत में अमावस्या के बाद। इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम अलग होते हैं; तिथि वही रहती है।
संवत
विक्रम 2083, शक 1948
वर्ष गिनने की दो पारंपरिक गणनाएँ।

इस महीने की तिथियाँ और चंद्रमा

हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं। "व्रत" उस दिन लिखा है जिस दिन स्मार्त एकादशी व्रत है, जो कभी-कभी रंग वाली तिथि से अलग दिन होता है; यह केवल दो स्रोतों से मिलाई गई तारीखों पर दिखता है। आज का दिन घेरे में है। पूरी सूची और पारण का समय एकादशी पेज पर है। पूर्णिमा और अमावस्या की सभी तारीखें, और त्योहारों की सूची। दीपावली और होली के अलग पेज हैं। पूरा महीना हिंदू कैलेंडर में देखें।

पंचांग के पाँच अंग क्या बताते हैं

आज का पंचांग पाँच अंगों से बनता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इनमें वार को छोड़कर बाकी चारों सूर्य और चंद्रमा की आकाश में स्थिति से निकलते हैं, इसलिए इनके बदलने का समय रोज़ अलग होता है और घड़ी के दिन से मेल नहीं खाता।

तृतीया Tritiya

कृष्ण पक्ष, तिथि 3 · आज की तिथि

चंद्रमा सूर्य से 204° से 216° आगे, 94% प्रकाशित

चंद्रमा सूर्य से हर 12 अंश आगे बढ़ने पर एक तिथि पूरी होती है। 0° पर अमावस्या पूरी होती है और 180° पर पूर्णिमा। चंद्रमा की तस्वीर NASA की है, उस तिथि की रोशनी के साथ।

आपके शहर के अनुसार समय क्यों बदलता है

तिथि, नक्षत्र और योग के बदलने का क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होता है, इसलिए भारत के हर शहर में ये समय (IST में) एक जैसे दिखते हैं। सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और उन पर टिके राहु काल, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया हर शहर में अलग होते हैं। हमारी सूची के 20 शहरों में 21 जून 2026 को सूर्योदय का अंतर 94 मिनट है: सबसे पहले गुवाहाटी में और सबसे बाद में कोच्चि में। इसलिए ऊपर अपना शहर चुनें; अगली बार साइट वही शहर खोलेगी।

हम ये सभी समय खुद खगोलीय गणना से निकालते हैं और हर बार 20 शहरों के 206 शहर-तारीख जोड़ों पर इनकी जाँच करते हैं। तरीका और जाँच के नतीजे गणना कैसे होती है पेज पर हैं।

आज के पंचांग से जुड़े सवाल

आज कौन सी तिथि और कौन सा नक्षत्र है?

नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो 11:07 PM तक रहेगी, और नक्षत्र शतभिषा है। पूरा विवरण ऊपर के पंचांग में है।

आज का शुभ मुहूर्त कब है?

नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त 12:00 PM से 12:54 PM तक है, और ब्रह्म मुहूर्त 04:18 AM से 05:00 AM तक है। दिन भर के शुभ और अशुभ भाग चौघड़िया पेज पर हैं। विवाह, गृह प्रवेश जैसे बड़े काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से तय करवाएँ; हम व्यक्तिगत मुहूर्त नहीं निकालते।

शुभ और अशुभ समय में कौन से मुहूर्त आते हैं?

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है; परंपरा में इसे पूजा और ध्यान के लिए माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दिन के बीच का मुहूर्त है; परंपरा में इसे शुभ माना जाता है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इस समय नया काम शुरू करना टाला जाता है। यमगण्ड और गुलिक काल भी राहु काल की तरह दिन के आठ भागों में से एक हैं; परंपरा में इन्हें अशुभ माना जाता है।

आज सूर्योदय और सूर्यास्त कितने बजे है?

नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को सूर्योदय 05:42 AM और सूर्यास्त 07:12 PM पर है। यह समय सूर्य के ऊपरी किनारे के क्षितिज पर दिखने का है, वायुमंडल के अपवर्तन को जोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त कब से कब तक होता है?

सूर्यास्त से सूर्योदय तक की रात को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटा जाता है। ब्रह्म मुहूर्त इनमें चौदहवाँ है, यानी सूर्योदय से दो मुहूर्त पहले शुरू होकर एक मुहूर्त पहले खत्म होता है। रात की लंबाई के साथ एक मुहूर्त बदलता है; नई दिल्ली में 2026 में यह लगभग 40 से 55 मिनट का है (हमारी गणना)।

पंचांग में दिन सूर्योदय से क्यों गिना जाता है?

हिंदू पंचांग में वार और दिन की तिथि सूर्योदय से तय होते हैं, आधी रात से नहीं। इसलिए किसी तारीख की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो, भले ही वह दोपहर में बदल जाए।

यह पंचांग कितना सही है?

हर बार साइट बनने से पहले हमारी गणना 20 शहरों के 206 शहर-तारीख जोड़ों पर एक जाने-माने पंचांग से मिलाई जाती है: कुल 8,642 जाँचें, सबसे बड़ा अंतर 1 मिनट। पूरा तरीका यहाँ है।