पंचांग12 नवंबर 2030, मंगलवार
द्वितीया Dwitiya
कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष मास · नई दिल्ली
सूर्योदय और सूर्यास्त
नई दिल्ली12 नवंबर को नई दिल्ली का आसमान: सूर्य और चंद्रमा उसी जगह दिखाए गए हैं जहाँ वे इस समय आसमान में हैं। चित्र वाराणसी के घाट का है; आसमान, सूर्य-चंद्रमा और सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं।
आप 12 नवंबर का 12:05 PM देख रहे हैं।
दिन भर की समय रेखा
आसमान, सूर्य और चंद्रमा नई दिल्ली के लिए हमारी गणना से। घाट की फ़ोटो (वाराणसी): Mirrormundo, Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0; आसमान हटाया गया और रोशनी बदली गई।
शुभ और अशुभ मुहूर्त
शुभ समय
अशुभ समय
पूरा पंचांग
- तिथि Tithi
- द्वितीया (Dwitiya) 01:50 PM तकतृतीया (Tritiya) अगले सूर्योदय तक
- नक्षत्र Nakshatra
- रोहिणी (Rohini) 09:15 PM तकमृगशिरा (Mrigashira) अगले सूर्योदय तक
- योग Yoga
- परिघ (Parigha) 10:00 AM तकशिव (Shiva) अगले सूर्योदय तक
- करण Karana
- गर (Garaja) 01:50 PM तकवणिज (Vanija) 12-13 नवंबर की रात 03:11 AM तकविष्टि (भद्रा) (Vishti (Bhadra)) अगले सूर्योदय तक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- वार
- मंगलवार
- सूर्योदय / सूर्यास्त
- 06:41 AM / 05:29 PM
- चंद्रोदय / चंद्रास्त
- 07:10 PM / 08:21 AM
- दिनमान
- 10 घंटे 48 मिनट (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
- सूर्य / चंद्र राशि
- तुला / वृषभ (सूर्योदय पर)
- मास
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत)पूर्णिमांत गिनती में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, अमांत में अमावस्या के बाद। इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम अलग होते हैं; तिथि वही रहती है।
- संवत
- विक्रम 2087, शक 1952वर्ष गिनने की दो पारंपरिक गणनाएँ।
इस महीने की तिथियाँ और चंद्रमा
हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं। "व्रत" उस दिन लिखा है जिस दिन स्मार्त एकादशी व्रत है, जो कभी-कभी रंग वाली तिथि से अलग दिन होता है; यह केवल दो स्रोतों से मिलाई गई तारीखों पर दिखता है। आज का दिन घेरे में है। पूरी सूची और पारण का समय एकादशी पेज पर है।
कल का पंचांग देखकर योजना बनाते समय दो बातें
तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है। पंचांग में किसी दिन की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर कोई तिथि दोपहर में शुरू होती है, तो वह अगले दिन के सूर्योदय पर भी चल रही हो सकती है। इसलिए ऊपर तिथि के साथ उसका समाप्ति समय भी दिया है।
व्रत और पर्व की तारीख अलग नियम से तय होती है। कई व्रत (जैसे एकादशी) और पर्व इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें।
आज का पंचांग देखने के लिए आज का पंचांग खोलें। किसी और तारीख का पंचांग ऊपर "अगला दिन" या महीने के कैलेंडर से देखा जा सकता है।
कल के पंचांग से जुड़े सवाल
कल कौन सी तिथि है?
नई दिल्ली में 12 नवंबर 2030 को सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी, जो 01:50 PM तक रहेगी। नक्षत्र रोहिणी रहेगा।
कल राहु काल कब है?
नई दिल्ली में 12 नवंबर 2030 को राहु काल 02:47 PM से 04:08 PM तक रहेगा। हर शहर का समय अलग होता है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें या राहु काल पेज देखें।
क्या कल का पंचांग अभी से पक्का है?
हाँ। पंचांग के सभी समय सूर्य और चंद्रमा की गणना से निकलते हैं, इसलिए कल या किसी आगे की तारीख का पंचांग आज ही उतना ही सही निकाला जा सकता है जितना आज का। ऊपर "अगला दिन" बटन या महीने के कैलेंडर से आगे की तारीखें देखें।
क्या व्रत की तारीख कल की तिथि से ही तय होती है?
हमेशा नहीं। कई व्रत और पर्व इस पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है (जैसे एकादशी में दशमी का प्रभाव)। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें; अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से पुष्टि करें।