रोज़ पंचांग

पंचांग22 अक्टूबर 2030, मंगलवार

दशमी Dashami

कृष्ण पक्ष, कार्तिक मास · नई दिल्ली

दशमी तिथि10:45 AMतक

शहर और तारीख

आपका स्थान केवल आपके फ़ोन में सबसे पास का शहर ढूँढने के लिए उपयोग होता है; हम उसे कहीं नहीं भेजते।

चंद्रमा 27% प्रकाशित

सूर्योदय और सूर्यास्त

नई दिल्ली

22 अक्टूबर को नई दिल्ली का आसमान: सूर्य और चंद्रमा उसी जगह दिखाए गए हैं जहाँ वे इस समय आसमान में हैं। चित्र वाराणसी के घाट का है; आसमान, सूर्य-चंद्रमा और सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं।

12:05 PM
सूर्य 50° ऊँचा, दक्षिण में
समय बदलने के लिए आसमान या नीचे की पट्टी खींचें
रोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाल

आप 22 अक्टूबर का 12:05 PM देख रहे हैं।

दिन भर की समय रेखा

चौघड़िया
अमृत (Amrit), शुभ
12:05 PM से 01:30 PM
राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, अभिजित
गुलिक काल
12:05 PM से 01:30 PM
तिथि
कृष्ण पक्ष एकादशी
अगले सूर्योदय तक
नक्षत्र
मघा (Magha)
22-23 अक्टूबर की रात 02:46 AM तक

आसमान, सूर्य और चंद्रमा नई दिल्ली के लिए हमारी गणना से। घाट की फ़ोटो (वाराणसी): Mirrormundo, Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0; आसमान हटाया गया और रोशनी बदली गई।

शुभ और अशुभ मुहूर्त

शुभ
ब्रह्म मुहूर्त
04:45 AM से 05:35 AM
सूर्योदय से पहले का समय; परंपरा में पूजा और ध्यान के लिए माना जाता है।
शुभ
अभिजित मुहूर्त
11:43 AM से 12:28 PM
दिन के बीच का मुहूर्त; परंपरा में शुभ माना जाता है।
अशुभ
राहु काल
02:55 PM से 04:20 PM
दिन के आठ भागों में से एक; परंपरा में इस समय नया काम शुरू करना टाला जाता है।
अशुभ
यमगण्ड
09:16 AM से 10:41 AM
राहु काल की तरह दिन के आठ भागों में से एक; परंपरा में अशुभ माना जाता है।
अशुभ
गुलिक काल
12:05 PM से 01:30 PM
राहु काल की तरह दिन के आठ भागों में से एक; परंपरा में अशुभ माना जाता है।

पूरा पंचांग

तिथि Tithi
दशमी (Dashami) 10:45 AM तक
एकादशी (Ekadashi) अगले सूर्योदय तक
नक्षत्र Nakshatra
मघा (Magha) 22-23 अक्टूबर की रात 02:46 AM तक
पूर्वा फाल्गुनी (Purva Phalguni) अगले सूर्योदय तक
योग Yoga
शुभ (Shubha) 06:33 AM तक
शुक्ल (Shukla) 23 अक्टूबर 05:12 AM तक
ब्रह्म (Brahma) अगले सूर्योदय तक
करण Karana
विष्टि (भद्रा) (Vishti (Bhadra)) 10:45 AM तक
बव (Bava) 10:38 PM तक
बालव (Balava) अगले सूर्योदय तक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
वार
मंगलवार
सूर्योदय / सूर्यास्त
06:26 AM / 05:45 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त
22-23 अक्टूबर की रात 02:41 AM / 02:32 PM
दिनमान
11 घंटे 19 मिनट (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
सूर्य / चंद्र राशि
तुला / सिंह (सूर्योदय पर)
मास
कार्तिक (पूर्णिमांत)
आश्विन (अमांत)
पूर्णिमांत गिनती में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, अमांत में अमावस्या के बाद। इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम अलग होते हैं; तिथि वही रहती है।
संवत
विक्रम 2087, शक 1952
वर्ष गिनने की दो पारंपरिक गणनाएँ।

इस महीने की तिथियाँ और चंद्रमा

‹अक्टूबर 2030›

हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं। "व्रत" उस दिन लिखा है जिस दिन स्मार्त एकादशी व्रत है, जो कभी-कभी रंग वाली तिथि से अलग दिन होता है; यह केवल दो स्रोतों से मिलाई गई तारीखों पर दिखता है। आज का दिन घेरे में है। पूरी सूची और पारण का समय एकादशी पेज पर है।

कल का पंचांग देखकर योजना बनाते समय दो बातें

तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है। पंचांग में किसी दिन की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर कोई तिथि दोपहर में शुरू होती है, तो वह अगले दिन के सूर्योदय पर भी चल रही हो सकती है। इसलिए ऊपर तिथि के साथ उसका समाप्ति समय भी दिया है।

व्रत और पर्व की तारीख अलग नियम से तय होती है। कई व्रत (जैसे एकादशी) और पर्व इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें।

आज का पंचांग देखने के लिए आज का पंचांग खोलें। किसी और तारीख का पंचांग ऊपर "अगला दिन" या महीने के कैलेंडर से देखा जा सकता है।

कल के पंचांग से जुड़े सवाल

कल कौन सी तिथि है?

नई दिल्ली में 22 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जो 10:45 AM तक रहेगी। नक्षत्र मघा रहेगा।

कल राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 22 अक्टूबर 2030 को राहु काल 02:55 PM से 04:20 PM तक रहेगा। हर शहर का समय अलग होता है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें या राहु काल पेज देखें।

क्या कल का पंचांग अभी से पक्का है?

हाँ। पंचांग के सभी समय सूर्य और चंद्रमा की गणना से निकलते हैं, इसलिए कल या किसी आगे की तारीख का पंचांग आज ही उतना ही सही निकाला जा सकता है जितना आज का। ऊपर "अगला दिन" बटन या महीने के कैलेंडर से आगे की तारीखें देखें।

क्या व्रत की तारीख कल की तिथि से ही तय होती है?

हमेशा नहीं। कई व्रत और पर्व इस पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है (जैसे एकादशी में दशमी का प्रभाव)। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें; अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से पुष्टि करें।