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हिंदू कैलेंडर (Hindi Calendar) 2026-27: महीने की तिथि, व्रत और त्योहार

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शहर और तारीख

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आज 1 नवंबर, रविवार है: उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कार्तिक का महीना, और अमांत पंचांग में आश्विन का। विक्रम संवत 2083 चल रहा है। नई दिल्ली में अगला त्योहार धनतेरस है, 6 नवंबर, शुक्रवार को।

तिथि कैलेंडर (Tithi Calendar): फ़रवरी 2027

नई दिल्ली

हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी रंग से अलग दिखती हैं। किसी दिन को चुनने पर उस दिन का पूरा पंचांग खुलता है।

फ़रवरी 2027 के व्रत और त्योहार

तारीखक्या है
2 फ़रवरी, मंगलवारषटतिला एकादशी व्रत
6 फ़रवरी, शनिवारमाघ अमावस्या (स्नान-दान)
11 फ़रवरी, गुरुवारवसंत पंचमी
17 फ़रवरी, बुधवारजया एकादशी व्रत
20 फ़रवरी, शनिवारमाघ पूर्णिमा (स्नान-दान)

यह सूची उन्हीं तारीखों से बनी है जो त्योहार, एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या के पेजों पर हैं। एकादशी का व्रत स्मार्त है, और वही तारीख दिखाई गई है जो दो स्रोतों से मिली।

हिंदू महीने (Hindu Months) 2026-27

हिंदू कैलेंडर में महीना चंद्रमा से चलता है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख हर साल बदलती है। नई दिल्ली के लिए महीनों की तारीखें ये हैं:

महीनापूर्णिमांतअमांत
कार्तिक 202624 नवंबर तक10 नवंबर से 8 दिसंबर
मार्गशीर्ष 202625 नवंबर से 23 दिसंबर9 दिसंबर से 7 जनवरी
पौष 202724 दिसंबर से 22 जनवरी8 जनवरी से 6 फ़रवरी
माघ 202723 जनवरी से 20 फ़रवरी7 फ़रवरी से 8 मार्च
फाल्गुन 202721 फ़रवरी से 22 मार्च9 मार्च से 6 अप्रैल
चैत्र 202723 मार्च से 20 अप्रैल7 अप्रैल से 6 मई
वैशाख 202721 अप्रैल से 20 मई7 मई से 4 जून
ज्येष्ठ 202721 मई से 19 जून5 जून से 3 जुलाई
आषाढ़ 202720 जून से 18 जुलाई4 जुलाई से 2 अगस्त
श्रावण 202719 जुलाई से 17 अगस्त3 अगस्त से 31 अगस्त
भाद्रपद 202718 अगस्त से 15 सितंबर1 सितंबर से 29 सितंबर
आश्विन 202716 सितंबर से 15 अक्टूबर30 सितंबर से 29 अक्टूबर
कार्तिक 202716 अक्टूबर से 14 नवंबर30 अक्टूबर से 28 नवंबर
मार्गशीर्ष 202715 नवंबर से 13 दिसंबर29 नवंबर से 27 दिसंबर

ये तारीखें हमारी गणना हैं, किसी सूची से नहीं ली गईं। हर महीना पूर्णिमा या अमावस्या के बाद की प्रतिपदा के दिन से शुरू होता है, और अगली प्रतिपदा से एक दिन पहले खत्म होता है। महीनों की शुरुआत को नवरात्रि, गोवर्धन पूजा और होली की तारीखों से जाँचा गया है।

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

पक्ष: हर महीने में दो पक्ष होते हैं। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है और वह पूर्णिमा पर खत्म होता है। कृष्ण पक्ष में चंद्रमा घटता है और वह अमावस्या पर खत्म होता है। एक पक्ष में लगभग 15 तिथियाँ होती हैं।

दो तरह के महीने: उत्तर भारत में पूर्णिमांत चलता है, जहाँ महीना पूर्णिमा पर खत्म होता है। महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में अमांत चलता है, जहाँ महीना अमावस्या पर खत्म होता है। इसलिए कृष्ण पक्ष का नाम दोनों में अलग हो जाता है। दीपावली इसका उदाहरण है: यह पूर्णिमांत में कार्तिक के कृष्ण पक्ष में आती है, और अमांत में आश्विन के कृष्ण पक्ष में। त्योहार का दिन नहीं बदलता, केवल महीने का नाम बदलता है।

विक्रम संवत: उत्तर भारत में नया संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, इसलिए होली के बाद चैत्र का महीना शुरू होने पर भी संवत नहीं बदलता। अभी 2083 चल रहा है, और संवत 2084 की शुरुआत 7 अप्रैल, बुधवार को होगी।

अधिक मास: बारह चंद्र महीने सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटे होते हैं। इस अंतर को पूरा करने के लिए कुछ साल बाद एक महीना जोड़ा जाता है। 2026 में अधिक ज्येष्ठ था। ऊपर की तालिका में कोई अधिक मास नहीं है।

तिथि की गणना गणना के पेज पर समझाई गई है। आज की तिथि यहाँ देखें।

हिंदू कैलेंडर से जुड़े सवाल

अभी हिंदू कैलेंडर का कौन सा महीना चल रहा है?

आज 1 नवंबर, रविवार है: उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कार्तिक का महीना, और अमांत पंचांग में आश्विन का। विक्रम संवत 2083 चल रहा है। नई दिल्ली में अगला त्योहार धनतेरस है, 6 नवंबर, शुक्रवार को।

हिंदू नव वर्ष 2027 कब है?

हिंदी पंचांग में नया संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है। नई दिल्ली में यह 7 अप्रैल, बुधवार को है, और उसी दिन विक्रम संवत 2084 शुरू होगा। यही चैत्र नवरात्रि का पहला दिन भी है।

पूर्णिमांत और अमांत में क्या अंतर है?

पूर्णिमांत में महीना पूर्णिमा पर खत्म होता है, और अमांत में अमावस्या पर। इसलिए एक ही दिन का महीना दोनों में अलग हो सकता है, पर त्योहार की तिथि वही रहती है।

हिंदू कैलेंडर में कितने महीने होते हैं?

बारह: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन। अधिक मास वाले साल में एक महीना और जुड़ता है।

अधिक मास क्या है?

चंद्र महीने सौर वर्ष से छोटे पड़ते हैं, इसलिए कुछ साल बाद एक महीना जोड़कर दोनों का मेल रखा जाता है। 2026 में अधिक ज्येष्ठ था। नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक हमारी गणना में कोई अधिक मास नहीं है।

कैलेंडर में तिथि सूर्योदय की क्यों दिखाई गई है?

एक तिथि दो तारीखों पर फैल सकती है। इसलिए हर दिन के लिए वह तिथि लिखी गई है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। व्रत और त्योहार का दिन कभी इससे अलग होता है, क्योंकि उनका नियम दिन का कोई और समय देखता है।

स्रोत और जाँच की तारीख

स्रोत 31 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए। यह कैलेंडर केवल नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक है, क्योंकि जाँची हुई तारीखें इतनी ही हैं। इसमें शुभ मुहूर्त या राशिफल नहीं है।