पंचांग10 जनवरी 2027, रविवार
तृतीया Tritiya
शुक्ल पक्ष, पौष मास · नई दिल्ली
सूर्योदय और सूर्यास्त
नई दिल्लीशुभ और अशुभ मुहूर्त
पूरा पंचांग
- तिथि Tithi
- तृतीया (Tritiya) अगले सूर्योदय तक
- नक्षत्र Nakshatra
- श्रवण (Shravana) 03:11 PM तकधनिष्ठा (Dhanishtha) अगले सूर्योदय तक
- योग Yoga
- वज्र (Vajra) 05:03 PM तकसिद्धि (Siddhi) अगले सूर्योदय तक
- करण Karana
- तैतिल (Taitila) 08:19 PM तकगर (Garaja) अगले सूर्योदय तक
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- वार
- रविवार
- सूर्योदय / सूर्यास्त
- 07:15 AM / 05:42 PM
- चंद्रोदय / चंद्रास्त
- 08:55 AM / 07:53 PM
- दिनमान
- 10 घंटे 27 मिनट
- सूर्य / चंद्र राशि
- धनु / मकर (सूर्योदय पर)
- मास
- पौष (पूर्णिमांत)पौष (अमांत)
- संवत
- विक्रम 2083, शक 1948
दिन भर की समय रेखा
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तकसूर्योदय 07:15 AM से अगले सूर्योदय 07:15 AM तक। किसी खाने पर टैप करें, उसका पूरा समय यहाँ दिखेगा।
इस महीने की तिथियाँ और चंद्रमा
हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं; व्रत की तारीख अलग नियम से तय हो सकती है।
कल का पंचांग देखकर योजना बनाते समय दो बातें
तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है। पंचांग में किसी दिन की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर कोई तिथि दोपहर में शुरू होती है, तो वह अगले दिन के सूर्योदय पर भी चल रही हो सकती है। इसलिए ऊपर तिथि के साथ उसका समाप्ति समय भी दिया है।
व्रत और पर्व की तारीख अलग नियम से तय होती है। कई व्रत (जैसे एकादशी) और पर्व इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें।
आज का पंचांग देखने के लिए आज का पंचांग खोलें। किसी और तारीख का पंचांग ऊपर "अगला दिन" या महीने के कैलेंडर से देखा जा सकता है।
कल के पंचांग से जुड़े सवाल
कल कौन सी तिथि है?
नई दिल्ली में 10 जनवरी 2027 को सूर्योदय के समय शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। नक्षत्र श्रवण रहेगा।
कल राहु काल कब है?
नई दिल्ली में 10 जनवरी 2027 को राहु काल 04:24 PM से 05:42 PM तक रहेगा। हर शहर का समय अलग होता है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें या राहु काल पेज देखें।
क्या कल का पंचांग अभी से पक्का है?
हाँ। पंचांग के सभी समय सूर्य और चंद्रमा की गणना से निकलते हैं, इसलिए कल या किसी आगे की तारीख का पंचांग आज ही उतना ही सही निकाला जा सकता है जितना आज का। ऊपर "अगला दिन" बटन या महीने के कैलेंडर से आगे की तारीखें देखें।
क्या व्रत की तारीख कल की तिथि से ही तय होती है?
हमेशा नहीं। कई व्रत और पर्व इस पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है (जैसे एकादशी में दशमी का प्रभाव)। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें; अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से पुष्टि करें।