रोज़ पंचांग

पंचांग9 नवंबर 2026, सोमवार

अमावस्या Amavasya

कृष्ण पक्ष, कार्तिक मास · नई दिल्ली

अमावस्या तिथि12:31 PMतक

शहर और तारीख

आपका स्थान केवल आपके फ़ोन में सबसे पास का शहर ढूँढने के लिए उपयोग होता है; हम उसे कहीं नहीं भेजते।

चंद्रमा 0% प्रकाशित
दिन का पहला चौघड़िया
अमृत (Amrit)
शुभ, 08:00 AM तक
राहु काल
08:00 AM से 09:22 AM
सूर्योदय / सूर्यास्त
06:39 AM / 05:31 PM

सूर्य का दिन

नई दिल्ली
राहु काल: 08:00 AM से 09:22 AMयमगण्ड: 10:43 AM से 12:05 PMगुलिक काल: 01:26 PM से 02:48 PMअभिजित मुहूर्त: 11:43 AM से 12:26 PMसूर्योदय06:39 AMसूर्यास्त05:31 PMमध्याह्न 12:05 PM
राहु काल 08:00 AM से 09:22 AM। दिन के आठ बराबर भागों में से वार के अनुसार एक भाग। परंपरा में इस समय नया काम शुरू करना टाला जाता है।

शुभ और अशुभ समय

शुभ
ब्रह्म मुहूर्त
04:54 AM से 05:46 AM
शुभ
अभिजित मुहूर्त
11:43 AM से 12:26 PM
अशुभ
राहु काल
08:00 AM से 09:22 AM
अशुभ
यमगण्ड
10:43 AM से 12:05 PM
अशुभ
गुलिक काल
01:26 PM से 02:48 PM

पूरा पंचांग

तिथि Tithi
अमावस्या (Amavasya) 12:31 PM तक
प्रतिपदा (Pratipada) अगले सूर्योदय तक
नक्षत्र Nakshatra
स्वाति (Swati) 07:24 AM तक
विशाखा (Vishakha) अगले सूर्योदय तक
योग Yoga
सौभाग्य (Saubhagya) 02:57 AM, 10 नवंबर तक
शोभन (Shobhana) अगले सूर्योदय तक
करण Karana
नाग (Naga) 12:31 PM तक
किंस्तुघ्न (Kimstughna) 01:12 AM, 10 नवंबर तक
बव (Bava) अगले सूर्योदय तक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
वार
सोमवार
सूर्योदय / सूर्यास्त
06:39 AM / 05:31 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त
06:40 AM / 05:12 PM
दिनमान
10 घंटे 52 मिनट
सूर्य / चंद्र राशि
तुला / तुला (सूर्योदय पर)
मास
कार्तिक (पूर्णिमांत)
आश्विन (अमांत)
संवत
विक्रम 2083, शक 1948

दिन भर की समय रेखा

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
नक्षत्र
योग
करण
चौघड़िया

सूर्योदय 06:39 AM से अगले सूर्योदय 06:40 AM तक। किसी खाने पर टैप करें, उसका पूरा समय यहाँ दिखेगा।

इस महीने की तिथियाँ

‹नवंबर 2026›

हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं; व्रत की तारीख अलग नियम से तय हो सकती है।

कल की योजना बनाते समय दो बातें

तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है। पंचांग में किसी दिन की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर कोई तिथि दोपहर में शुरू होती है, तो वह अगले दिन के सूर्योदय पर भी चल रही हो सकती है। इसलिए ऊपर तिथि के साथ उसका समाप्ति समय भी दिया है।

व्रत और पर्व की तारीख अलग नियम से तय होती है। कई व्रत (जैसे एकादशी) और पर्व इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें।

आज का पंचांग देखने के लिए आज का पंचांग खोलें। किसी और तारीख का पंचांग ऊपर "अगला दिन" या महीने के कैलेंडर से देखा जा सकता है।

कल का पंचांग (Kal Ka Panchang): कल की तिथि और शुभ समय | रोज़ पंचांग