रोज़ पंचांग

पंचांग4 सितंबर 2026, शुक्रवार

अष्टमी Ashtami

कृष्ण पक्ष, भाद्रपद मास · नई दिल्ली

अष्टमी तिथि12:13 AM, 5 सितंबरतक

शहर और तारीख

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चंद्रमा 54% प्रकाशित
दिन का पहला चौघड़िया
चर (Char)
शुभ, 07:35 AM तक
राहु काल
10:45 AM से 12:20 PM
सूर्योदय / सूर्यास्त
06:01 AM / 06:39 PM

सूर्य का दिन

नई दिल्ली
राहु काल: 10:45 AM से 12:20 PMयमगण्ड: 03:30 PM से 05:05 PMगुलिक काल: 07:35 AM से 09:10 AMअभिजित मुहूर्त: 11:55 AM से 12:45 PMसूर्योदय06:01 AMसूर्यास्त06:39 PMमध्याह्न 12:20 PM
राहु काल 10:45 AM से 12:20 PM। दिन के आठ बराबर भागों में से वार के अनुसार एक भाग। परंपरा में इस समय नया काम शुरू करना टाला जाता है।

शुभ और अशुभ समय

शुभ
ब्रह्म मुहूर्त
04:30 AM से 05:15 AM
शुभ
अभिजित मुहूर्त
11:55 AM से 12:45 PM
अशुभ
राहु काल
10:45 AM से 12:20 PM
अशुभ
यमगण्ड
03:30 PM से 05:05 PM
अशुभ
गुलिक काल
07:35 AM से 09:10 AM

पूरा पंचांग

तिथि Tithi
अष्टमी (Ashtami) 12:13 AM, 5 सितंबर तक
नवमी (Navami) अगले सूर्योदय तक
नक्षत्र Nakshatra
रोहिणी (Rohini) 11:04 PM तक
मृगशिरा (Mrigashira) अगले सूर्योदय तक
योग Yoga
हर्षण (Harshana) 03:44 PM तक
वज्र (Vajra) अगले सूर्योदय तक
करण Karana
बालव (Balava) 01:20 PM तक
कौलव (Kaulava) 12:13 AM, 5 सितंबर तक
तैतिल (Taitila) अगले सूर्योदय तक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
वार
शुक्रवार
सूर्योदय / सूर्यास्त
06:01 AM / 06:39 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त
11:29 PM / 01:05 PM
दिनमान
12 घंटे 39 मिनट
सूर्य / चंद्र राशि
सिंह / वृषभ (सूर्योदय पर)
मास
भाद्रपद (पूर्णिमांत)
श्रावण (अमांत)
संवत
विक्रम 2083, शक 1948

दिन भर की समय रेखा

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
नक्षत्र
योग
करण
चौघड़िया

सूर्योदय 06:01 AM से अगले सूर्योदय 06:01 AM तक। किसी खाने पर टैप करें, उसका पूरा समय यहाँ दिखेगा।

इस महीने की तिथियाँ

‹सितंबर 2026›

हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं; व्रत की तारीख अलग नियम से तय हो सकती है।

कल की योजना बनाते समय दो बातें

तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है। पंचांग में किसी दिन की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर कोई तिथि दोपहर में शुरू होती है, तो वह अगले दिन के सूर्योदय पर भी चल रही हो सकती है। इसलिए ऊपर तिथि के साथ उसका समाप्ति समय भी दिया है।

व्रत और पर्व की तारीख अलग नियम से तय होती है। कई व्रत (जैसे एकादशी) और पर्व इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें।

आज का पंचांग देखने के लिए आज का पंचांग खोलें। किसी और तारीख का पंचांग ऊपर "अगला दिन" या महीने के कैलेंडर से देखा जा सकता है।

कल का पंचांग (Kal Ka Panchang): कल की तिथि और शुभ समय | रोज़ पंचांग