पंचांग9 फ़रवरी 2026, सोमवार
अष्टमी Ashtami
कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास · नई दिल्ली
सूर्योदय और सूर्यास्त
नई दिल्लीशुभ और अशुभ मुहूर्त
पूरा पंचांग
- तिथि Tithi
- अष्टमी (Ashtami) अगले सूर्योदय तक
- नक्षत्र Nakshatra
- विशाखा (Vishakha) अगले सूर्योदय तक
- योग Yoga
- वृद्धि (Vriddhi) 12:52 AM, 10 फ़रवरी तकध्रुव (Dhruva) अगले सूर्योदय तक
- करण Karana
- बालव (Balava) 06:12 PM तककौलव (Kaulava) अगले सूर्योदय तक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- वार
- सोमवार
- सूर्योदय / सूर्यास्त
- 07:04 AM / 06:07 PM
- चंद्रोदय / चंद्रास्त
- 01:24 AM, 10 फ़रवरी / 11:02 AM
- दिनमान
- 11 घंटे 2 मिनट
- सूर्य / चंद्र राशि
- मकर / तुला (सूर्योदय पर)
- मास
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत)
- संवत
- विक्रम 2082, शक 1947
दिन भर की समय रेखा
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तकसूर्योदय 07:04 AM से अगले सूर्योदय 07:04 AM तक। किसी खाने पर टैप करें, उसका पूरा समय यहाँ दिखेगा।
इस महीने की तिथियाँ और चंद्रमा
हर दिन के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि है (नई दिल्ली के अनुसार)। शु. = शुक्ल पक्ष, कृ. = कृष्ण पक्ष। पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि रंग से अलग दिखाई गई हैं; व्रत की तारीख अलग नियम से तय हो सकती है।
कल का पंचांग देखकर योजना बनाते समय दो बातें
तिथि सूर्योदय से गिनी जाती है। पंचांग में किसी दिन की तिथि वह मानी जाती है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर कोई तिथि दोपहर में शुरू होती है, तो वह अगले दिन के सूर्योदय पर भी चल रही हो सकती है। इसलिए ऊपर तिथि के साथ उसका समाप्ति समय भी दिया है।
व्रत और पर्व की तारीख अलग नियम से तय होती है। कई व्रत (जैसे एकादशी) और पर्व इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें।
आज का पंचांग देखने के लिए आज का पंचांग खोलें। किसी और तारीख का पंचांग ऊपर "अगला दिन" या महीने के कैलेंडर से देखा जा सकता है।
कल के पंचांग से जुड़े सवाल
कल कौन सी तिथि है?
नई दिल्ली में 9 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। नक्षत्र विशाखा रहेगा।
कल राहु काल कब है?
नई दिल्ली में 9 फ़रवरी 2026 को राहु काल 08:27 AM से 09:50 AM तक रहेगा। हर शहर का समय अलग होता है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें या राहु काल पेज देखें।
क्या कल का पंचांग अभी से पक्का है?
हाँ। पंचांग के सभी समय सूर्य और चंद्रमा की गणना से निकलते हैं, इसलिए कल या किसी आगे की तारीख का पंचांग आज ही उतना ही सही निकाला जा सकता है जितना आज का। ऊपर "अगला दिन" बटन या महीने के कैलेंडर से आगे की तारीखें देखें।
क्या व्रत की तारीख कल की तिथि से ही तय होती है?
हमेशा नहीं। कई व्रत और पर्व इस पर भी निर्भर करते हैं कि तिथि दिन के किस भाग में है (जैसे एकादशी में दशमी का प्रभाव)। इसलिए किसी व्रत की तारीख के लिए केवल सूर्योदय की तिथि न देखें; अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से पुष्टि करें।